
विश्वविद्यालयों में छात्रों की शिकायतों के निपटारे के लिए लोकपाल की नियुक्ति अनिवार्य है, लेकिन इस दिशा में लापरवाही बरतने पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने 27 विश्वविद्यालयों को डिफॉल्टर घोषित करते हुए उनके नाम सार्वजनिक कर दिए हैं। इन संस्थानों में 19 राज्य विश्वविद्यालय, 5 निजी विश्वविद्यालय और 3 डीम्ड-टू-बी विश्वविद्यालय शामिल हैं। इनमें से अधिकतर खेल और कानून से जुड़े उच्च शिक्षण संस्थान हैं।
यूजीसी के सचिव प्रोफेसर मनीष जोशी ने मंगलवार को यह सूची जारी की। सूची में मोरार जी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योग व दिल्ली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी शामिल हैं। स्टेट यूनिवर्सिटी में यूपी की डॉ राजेंद्र प्रसाद नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, प्रयागराज व उत्तराखंड की आयुर्वेद यूनिवर्सिटी, देहरादून का नाम भी है।
दिल्ली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी, स्वर्णिम गुजरात स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी, केएसजीएस म्यूजिक एंड परफॉर्मिंग ऑर्ट्स यूनिवर्सिटी, नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी, राजीव गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेस, श्री जगतगुरु मुरुगनराजेंद्रा यूनिवर्सिटी, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ हयूमन सेटेलमेंट, केरल यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेस, इंटरनेशनल स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी महाराष्ट्र जैसे प्रतिष्ठित संस्थान शामिल हैं।
इसके अलावा सूची में खल्लिखोते विश्वविद्यालय, उत्कल यूनिवर्सिटी ऑफ कल्चर, सिक्किम की नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, द बंगाल इंजीनियरिंग एंड साइंस यूनिवर्सिटी, शिबसागर यूनिवर्सिटी, मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी, रानी अवंतीबाई लोधी यूनिवर्सिटी, और बिहार की स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी जैसे संस्थानों का नाम भी शामिल है।
यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों को जल्द से जल्द लोकपाल नियुक्त करने और अनुपालन रिपोर्ट जमा करने के निर्देश दिए हैं, ताकि छात्रों की शिकायतों का पारदर्शी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।




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