
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 10वीं और 12वीं के परिणाम को लेकर एक झूठे नोटिस के बारे में छात्रों और अभिभावकों को सतर्क किया है। इस फर्जी सूचना में यह दावा किया गया है कि इस बार सीबीएसई एक नई प्रक्रिया अपनाकर बोर्ड परिणाम दो भागों में घोषित करेगा, जबकि यह पूरी तरह भ्रामक और असत्य है।
फर्जी नोटिस में क्या कहा गया?
नकली सूचना में यह उल्लेख किया गया था कि सीबीएसई इस बार डिजिलॉकर एक्सेस कोड से जुड़ी एक नई योजना के तहत “नया सिस्टम” अपनाकर परिणाम जारी करेगा। फर्जी नोटिस में झूठे दावे किए गए हैं कि CBSE 10वीं परिणाम पहले समूह के लिए 9 मई और बाकी छात्रों के लिए 15 मई, सुबह 11 बजे जारी होंगे। वहीं CBSE 12वीं परिणाम पहले समूह के लिए 14 मई और बाकी के लिए 16 मई, दोपहर 1 बजे जारी किये जाएंगे।
नकली नोटिस में यह तर्क भी दिया गया कि वेबसाइट पर ट्रैफिक कम करने के लिए बोर्ड रिजल्ट दो चरणों में घोषित करेगा और इसी वजह से परिणामों में देरी हो रही है।
CBSE का स्पष्टीकरण
सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि बोर्ड द्वारा रिजल्ट घोषित करने की प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं किया गया है। हां, परिणाम घोषित होने के बाद की प्रक्रिया में कुछ तकनीकी बदलाव किए गए हैं। अब छात्र पहले उत्तर पुस्तिकाओं की फोटोकॉपी प्राप्त करेंगे और उसके बाद मार्क्स वेरिफिकेशन, पुनर्मूल्यांकन या रीचेकिंग के लिए आवेदन कर सकेंगे।
इसके अलावा, CBSE ने 2 मई को भी एक अन्य झूठे दावे को खारिज किया था, जिसमें कहा गया था कि 10वीं का परिणाम घोषित हो चुका है। बोर्ड ने दोहराया कि रिजल्ट की आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।
डिजिलॉकर एक्सेस कोड को लेकर स्थिति
सीबीएसई ने सिर्फ इतना कहा है कि छात्रों की मार्कशीट और प्रमाण पत्र डाउनलोड करने के लिए 6 अंकों वाले डिजिलॉकर एक्सेस कोड स्कूलों को भेजे जा चुके हैं। यही एकमात्र आधिकारिक सूचना है।




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