
मद्रास उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET UG) 2025 के परिणामों की घोषणा पर अंतरिम रोक लगा दी है। यह आदेश उन 13 छात्रों की याचिका पर दिया गया है जिन्हें परीक्षा के दौरान केंद्र पर बिजली कट जाने और खराब व्यवस्थाओं के कारण गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
न्यायमूर्ति वी. लक्ष्मीनारायणन ने सुनवाई के दौरान इस अंतरिम आदेश को पारित किया और मामले की अगली सुनवाई की तारीख 2 जून 2025 तय की है।
परीक्षा केंद्र पर बिजली गुल, छात्रों ने झेली भारी दिक्कतें
छात्रों ने बताया कि 4 मई 2025 को चेन्नई के पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, सीआरपीएफ-अवाडी परीक्षा केंद्र पर दोपहर 3 बजे से 4:15 बजे तक बिजली नहीं थी। तेज बारिश और आंधी के कारण केंद्र की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और कोई वैकल्पिक व्यवस्था (जनरेटर/इन्वर्टर) नहीं थी।
याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि परीक्षा कक्ष में पानी भर गया, रोशनी बेहद कम थी और उन्हें अपनी निर्धारित सीटों को छोड़कर दूसरी जगह बैठना पड़ा। इसके बावजूद उन्हें कोई अतिरिक्त समय नहीं दिया गया, जिससे उनकी परीक्षा अधूरी रह गई।
संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन का आरोप
छात्रों ने याचिका में कहा कि उन्हें अन्य केंद्रों के छात्रों की तुलना में बहुत ही असमान परिस्थितियों में परीक्षा देनी पड़ी, जो संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) और अनुच्छेद 21 (जीवन और स्वतंत्रता का अधिकार) का उल्लंघन है।
उन्होंने तर्क दिया कि NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षा में समान अवसर अत्यंत आवश्यक है, लेकिन उनके साथ ऐसा नहीं हुआ।
शिकायत के बाद भी नहीं मिली कोई प्रतिक्रिया
छात्रों का कहना है कि उन्होंने 4 मई को ही इस मुद्दे की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी थी और बाद में कई बार संपर्क भी किया, लेकिन उनकी शिकायतों पर अब तक कोई जवाब नहीं मिला।
मद्रास हाईकोर्ट का यह आदेश NEET परीक्षा की निष्पक्षता और परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि 2 जून की अगली सुनवाई में न्यायालय क्या निर्णय देता है।




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