
दिल्ली के नामी प्राइवेट स्कूलों पर 15,127 आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के बच्चों को दाखिला न देने का गंभीर आरोप लगा है। यह सीटें EWS/DG कोटे के तहत आरक्षित थीं, जिन पर निशुल्क दाखिला देना स्कूलों की कानूनी और नैतिक जिम्मेदारी थी। दिल्ली पेरेंट्स एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि स्कूलों ने गरीब बच्चों का हक छीनकर नियमों की अनदेखी की और कथित रूप से बड़े पैमाने पर धांधली की है।
एसोसिएशन की अध्यक्ष अपराजिता गौतम ने इस संबंध में एक शिकायत पत्र दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, उपराज्यपाल वीके सक्सेना, एनसीपीसीआर, एनएचआरसी, और सीबीएसई के चेयरपर्सन को भेजते हुए पूरे मामले की जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
10 वर्षों में 15,127 बच्चों को नहीं मिला हक
शिकायत पत्र में दावा किया गया है कि बीते 10 वर्षों में दिल्ली के 16 प्रमुख प्राइवेट स्कूलों ने EWS कोटे के तहत 15,127 बच्चों को दाखिला नहीं दिया। एसोसिएशन का कहना है कि यह आंकड़ा केवल कुछ स्कूलों तक सीमित है, और अगर सरकार व्यापक जांच कराए, तो यह संख्या कई गुना ज्यादा हो सकती है।
सरकारी जमीन, निजी मुनाफा
एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि इन स्कूलों को बेहद रियायती दरों पर जमीन इस शर्त पर दी गई थी कि वे EWS/DG कैटेगरी के बच्चों के लिए 25% सीटें आरक्षित रखें, लेकिन इन स्कूलों ने इन सीटों पर या तो दाखिले नहीं दिए या फिर उन्हें ऊंचे दामों पर “बेचा”।
आरोपों के अनुसार:
– गरीब बच्चों के नाम पर स्कूलों को मिलने वाली सरकारी सहायता का दुरुपयोग हुआ।
– किताबें, यूनिफॉर्म, और फीस के नाम पर भी कई स्कूलों ने EWS बच्चों से पैसे वसूले।
– आम पेरेंट्स से भी इन सीटों का खर्च वसूल कर स्कूलों ने दोगुना लाभ कमाया।
आरोपों की जद में आने वाले स्कूलों की सूची:
– सलवान पब्लिक स्कूल, मयूर विहार
– ओपीजी वर्ल्ड स्कूल, द्वारका
– श्री वेंकटेश्वर इंटरनेशनल स्कूल, द्वारका
– जीडी गोयंका पब्लिक स्कूल, सरिता विहार
– लेंसर्स कॉन्वेंट स्कूल, प्रशांत विहार
– सचदेवा पब्लिक स्कूल, रोहिणी
– सेंट जॉर्ज स्कूल, अलकनंदा
– वेंकटेश्वर इंटरनेशनल स्कूल, सेक्टर 10 द्वारका
– अर्वाचीन इंटरनेशनल स्कूल, दिलशाद गार्डन
– आदर्श शिक्षा निकेतन सीनियर सेकेंडरी स्कूल, मयूर विहार
– महाराजा अग्रसेन पब्लिक स्कूल, अशोक विहार
– महाराजा अग्रसेन मॉडल स्कूल, पीतमपुरा
– महाराजा अग्रसेन आदर्श विद्यालय, पीतमपुरा
– मैक्स फोर्ट स्कूल, पीतमपुरा
– न्यू ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल, विवेक विहार
– नेशनल विक्टर पब्लिक स्कूल, आईपी एक्सटेंशन
दिल्ली पेरेंट्स एसोसिएशन ने सरकार और संबंधित एजेंसियों से मांग की है कि इन स्कूलों के खिलाफ सख्त जांच और दंडात्मक कार्रवाई की जाए, ताकि शिक्षा के अधिकार कानून (RTE) की भावना को बनाए रखा जा सके और गरीब बच्चों को उनका हक मिल सके।




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