
दिल्ली के स्कूलों में बम की धमकियों से निपटने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) अब लागू कर दी गई है। शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों को एसओपी के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए निर्देश जारी किए हैं। इसके साथ ही, स्कूलों के लिए 115 बिंदुओं वाली एक विस्तृत चेकलिस्ट भी तैयार की गई है, जिसे प्रत्येक माह स्कूल जिला प्राधिकरण को समीक्षा और कार्रवाई के लिए सौंपना अनिवार्य होगा।
उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार तैयार की गई SOP
उच्च न्यायालय के आदेशों, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और दिल्ली पुलिस के दिशा-निर्देशों के तहत तैयार इस एसओपी में स्कूल, शिक्षक, छात्र, अभिभावक, शिक्षा निदेशालय, दिल्ली पुलिस, अग्निशमन विभाग, बम निरोधक दस्ता और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण सहित सभी हितधारकों की जिम्मेदारियाँ स्पष्ट की गई हैं। निदेशालय ने स्कूलों से अपेक्षा की है कि वे बदलती परिस्थितियों के अनुसार सुरक्षा उपायों की नियमित समीक्षा और सुधार करते रहें।
मुख्य सुरक्षा प्रावधान
मॉक ड्रिल का आयोजन: स्कूलों में नियमित रूप से मॉक ड्रिल कराई जाएंगी ताकि आपात स्थिति में सभी सतर्क रहें।
परिसर सुरक्षा: स्कूल परिसर की फेंसिंग, अलग निकासी और प्रवेश द्वार सुनिश्चित किए जाएंगे।
निगरानी और CCTV: संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां CCTV कैमरे लगाए जाएंगे और कम से कम 15 दिन की फुटेज संग्रहित रखी जाएगी।
स्कूल सुरक्षा समिति: हर स्कूल में एक सुरक्षा समिति गठित की जाएगी जिसमें स्कूल प्रमुख, शिक्षक, छात्र, अभिभावक, और गैर-शैक्षणिक कर्मचारी शामिल होंगे।
आपातकालीन टूलकिट: कक्षा शेड्यूल, मास्टर चाबी, फ्लैशलाइट, स्टाफ रोस्टर, संचार उपकरण सहित आपातकालीन टूलकिट अनिवार्य होगा।
केंद्रीयकृत अलार्म सिस्टम: सभी स्कूलों में सेंट्रल अलार्म सिस्टम अनिवार्य किया गया है।
संचार और सूचना प्रबंधन
संदेह की स्थिति में तत्काल कार्रवाई: यदि किसी भी प्रकार की संदिग्ध जानकारी मिलती है, तो स्कूल प्रमुख को तुरंत 112 पर कॉल कर सूचना देनी होगी और जिला शिक्षा उपनिदेशक तथा एसएचओ को सूचित करना होगा।
ईमेल की नियमित जांच: सभी स्कूलों को अपने ईमेल अकाउंट नियमित रूप से चेक करने के निर्देश दिए गए हैं।
हर माह सुरक्षा वॉक और ऑडिट अनिवार्य
– हर महीने स्कूलों में सुरक्षा वॉक की जाएगी।
– यातायात, भवन संरचना, भोजन-पानी, शौचालय, आपदा प्रबंधन, बिजली सुरक्षा, इत्यादि बिंदुओं पर सुरक्षा ऑडिट किया जाएगा।
– सुझाव और शिकायत निवारण बॉक्स लगाया जाएगा, और हर 15 दिन में निपटान अनिवार्य होगा।
ध्यान रखने योग्य बातें: क्या करें और क्या न करें
क्या करें:
– संयम और सतर्कता बनाए रखें।
– हर धमकी को गंभीरता से लें।
– सभी विवरण नोट करें और तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें।
– आपात प्रोटोकॉल का पालन करें और छात्रों को सुरक्षित निकालने में सहायता करें।
– संचार लाइनें खुली रखें और सभी आवश्यक जानकारी साझा करें।
क्या न करें:
– घबराएं या चिल्लाएं नहीं।
– अफवाह या भय न फैलाएं।
– धमकी को हल्के में न लें।
– किसी भी संदिग्ध वस्तु को न छुएं।
– बम की आशंका वाले क्षेत्र में मोबाइल या रेडियो का उपयोग न करें।




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