
दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL) में शैक्षणिक सत्र 2025-26 से छात्रों को एक नई व्यवस्था के तहत अपनी पढ़ाई की शुरुआत करनी होगी। इस बार स्नातक छात्रों को परीक्षा फॉर्म भरने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। अब तक जहां छात्रों को एक वर्ष यानी पहले और दूसरे सेमेस्टर के लिए ही परीक्षा फॉर्म भरना होता था, वहीं अब पूरे तीन साल — यानी छह सेमेस्टर — के लिए एक साथ परीक्षा फॉर्म भरवाया जाएगा।
यह बदलाव केवल प्रशासनिक सहूलियत के लिए नहीं है, बल्कि छात्रों को अपने पूरे शैक्षणिक रोडमैप की स्पष्टता देने के लिए भी किया जा रहा है। इससे छात्र पहले ही तय कर सकेंगे कि उन्हें आगे कौन से माइनर विषय पढ़ने हैं। इससे न सिर्फ उनकी योजना बेहतर होगी, बल्कि अकादमिक अनुशासन भी मजबूत होगा।
SOL की निदेशक प्रोफेसर पायल मागो के अनुसार, इस वर्ष दाखिला प्रक्रिया जून के पहले सप्ताह से शुरू होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि इस बार दाखिला प्रणाली में भी कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। सबसे पहले, छात्रों को पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) प्रक्रिया से गुजरना होगा, जिसके बाद ही वे दाखिले के लिए पात्र होंगे।
यही नहीं, पंजीकरण के दौरान ही छात्र परीक्षा फॉर्म भी भरेंगे, जो पूरे तीन साल के लिए मान्य होगा। यह कदम दाखिला प्रक्रिया को अधिक सुगम और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
छात्रों की सहायता के लिए एक नया हेल्प सेंटर भी स्थापित किया जा रहा है, जो ताहिरपुर स्थित नवनिर्मित कैंपस में कार्य करेगा। प्रो. मागो ने स्पष्ट किया कि इस हेल्प सेंटर में किसी भी तरह की सहायता प्राप्त करने के लिए छात्रों को पूर्व में अप्वाइंटमेंट लेना होगा। इससे न केवल भीड़भाड़ से बचा जा सकेगा, बल्कि छात्रों को लंबी कतारों में खड़े रहने से भी राहत मिलेगी।
इस पूरी पहल का मकसद साफ है — छात्रों के लिए प्रवेश से लेकर परीक्षा तक की प्रक्रिया को सरल, सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाना।
बिना कक्षाओं के कॉलेज जीवन जीने वाले छात्रों के लिए यह सुधार निश्चित ही एक बड़ी राहत साबित हो सकता है।




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