
केंद्र सरकार जवाहरलाल स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान यानी जिपमेर (JIPMER) में एमबीबीएस (बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी) और बीएएमएस (बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी) को मिलाकर एक समेकित चिकित्सा पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना बना रही है। यह घोषणा केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने की।
जिपमेर के पुनर्निर्मित आपातकालीन और ट्रॉमा केयर केंद्र का उद्घाटन करने के बाद मीडिया से बातचीत में मंत्री जाधव ने बताया कि यह पाठ्यक्रम अभी परिकल्पना स्तर पर है और इसके लिए नया पाठ्यक्रम विकसित करने पर काम चल रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि संस्थान में एक समेकित चिकित्सा और अनुसंधान केंद्र स्थापित किया जाएगा।
जिपमेर को मिलेगी पूर्ण वित्तीय सहायता
जाधव ने जिपमेर में चल रही और प्रस्तावित परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान बताया कि संस्थान की चिकित्सा सुविधाओं को जनता की आवश्यकताओं के अनुसार आधुनिकीकरण और विस्तार दिया जाएगा। उन्होंने यह भरोसा दिलाया कि संस्थान के विस्तार के लिए धन की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए 1,450 करोड़ रुपये की अनुदान सहायता पहले ही स्वीकृत कर दी है।
संस्थान की वर्तमान सेवाएँ और विस्तार योजना
फिलहाल जिपमेर में प्रतिदिन 6,000 से अधिक बाह्य रोगी उपचार लेते हैं और 1,800 बिस्तरों वाली इन-पेशेंट सुविधा उपलब्ध है।
संस्थान के निदेशक डॉ. वीर सिंह नेगी ने बताया कि सेदराबेट में प्रस्तावित उन्नत ट्रॉमा सेंटर और अंग प्रत्यारोपण केंद्र की अनुमानित लागत 846 करोड़ रुपये है। इसके अलावा, कारैकल परिसर में 492 बिस्तरों वाले अस्पताल का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसकी ओपीडी सेवाएं जनवरी 2027 तक शुरू होने और पूरा निर्माण कार्य जून 2027 तक पूर्ण होने की उम्मीद है।
वहीं, यानम में मल्टी-स्पेशलिटी कंसल्टिंग यूनिट में हाल ही में डायलिसिस और इन-पेशेंट सेवाएं शुरू कर दी गई हैं।
पुडुचेरी में नया मेडिकल कॉलेज और आयुष अस्पताल में स्टाफ की कमी
जाधव ने यह भी खुलासा किया कि पुडुचेरी सरकार द्वारा प्रस्तावित एक नए मेडिकल कॉलेज पर विचार किया जा रहा है। साथ ही, विलियनूर स्थित 50-बेड वाले आयुष अस्पताल में स्टाफ की कमी पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार यूटी प्रशासन या राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (NRHM) के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया में सहयोग करेगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि संचालन की जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की है, जबकि वित्तीय सहायता केंद्र सरकार द्वारा दी जाती है।
आयुष्मान भारत योजना के तहत उपचार पर स्थिति स्पष्ट
आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत इलाज को लेकर पूछे गए सवाल पर डॉ. नेगी ने कहा कि पुडुचेरी या तमिलनाडु के किसी भी पात्र लाभार्थी को इलाज से वंचित नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि जिन मरीजों की मासिक आय 2,500 रुपये से कम है, उन्हें निःशुल्क इलाज दिया जाता है, जिसमें कैंसर की दवाएं तक 5 लाख रुपये की राशि में उपलब्ध कराई जाती हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अतिरिक्त फार्मेसी काउंटर खोले गए हैं और दवाओं की कोई कमी नहीं है।




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