
राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) ने बड़ा कदम उठाते हुए डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्ध 70 शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालयों की मान्यता रद्द कर दी है। इनमें 67 बीएड, दो बीपीएड, और एक एमएड कॉलेज शामिल हैं। अब ये संस्थान शैक्षणिक सत्र 2025-26 की काउंसलिंग प्रक्रिया में हिस्सा नहीं ले सकेंगे, जिससे विश्वविद्यालय की बीएड सीटों पर सीधा असर पड़ेगा।
यह कार्रवाई तब हुई जब NCTE ने देशभर में मान्यता प्राप्त शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता की समीक्षा प्रक्रिया शुरू की। जांच में सामने आया कि देश के लगभग 3,000 कॉलेजों ने निर्धारित शैक्षणिक मानकों का पालन नहीं किया था। परिषद ने इन कॉलेजों से सत्र 2021-22 और 2022-23 की परफॉर्मेंस अप्रेज़ल रिपोर्ट (PAR) मांगी, और इसके लिए कई बार समय सीमा भी बढ़ाई गई।
हालांकि, बार-बार अनुरोध के बावजूद कई कॉलेजों ने रिपोर्ट नहीं सौंपी, जिसके बाद परिषद ने कारण बताओ नोटिस भेजा। जवाब न मिलने पर NCTE ने देशभर के 2,200 से अधिक कॉलेजों की मान्यता रद्द कर दी। अभी भी कई संस्थानों की जांच जारी है।
आंबेडकर विश्वविद्यालय पर असर
इस कार्रवाई की चपेट में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा भी आ गया। विश्वविद्यालय से संबद्ध जिन 70 कॉलेजों की मान्यता समाप्त की गई है, वे आगरा, मथुरा, मैनपुरी और फिरोजाबाद जिलों में स्थित हैं। विश्वविद्यालय के कुलसचिव अजय मिश्रा ने पुष्टि की कि ये कॉलेज अब काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग नहीं ले सकेंगे।
यह फैसला उस समय आया है जब बीएड प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने वाली है, जिससे बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की योजना पर असर पड़ सकता है। परिषद के इस कदम को शिक्षक शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक सख्त लेकिन ज़रूरी पहल माना जा रहा है।




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