
देश में भाषाओं को लेकर जारी बहस के बीच केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने हिंदी, अंग्रेज़ी और अन्य भारतीय भाषाओं पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अब देश में JEE, NEET और CUET जैसी प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाएं 13 भाषाओं में आयोजित हो रही हैं, जो एक बड़ी उपलब्धि है। शाह ने कहा, “पहले CAPF कांस्टेबल भर्ती में सिर्फ हिंदी और अंग्रेजी में ही आवेदन किया जा सकता था, लेकिन अब उम्मीदवारों को 13 भाषाओं में परीक्षा देने की अनुमति दी जा रही है।”
उन्होंने यह भी बताया कि आज 95% उम्मीदवार अपनी मातृभाषा में कांस्टेबल परीक्षा दे रहे हैं। यह दर्शाता है कि देश में भारतीय भाषाओं का भविष्य उज्ज्वल है और युवा इन भाषाओं में अपने आप को ज्यादा सहज पाते हैं।
“हिंदी सभी भारतीय भाषाओं की मित्र है”
अमित शाह ने यह भी स्पष्ट किया कि हिंदी किसी अन्य भारतीय भाषा की विरोधी नहीं है। उन्होंने कहा, “मैं दिल से मानता हूं कि हिंदी किसी भी भारतीय भाषा की दुश्मन नहीं हो सकती। हिंदी, सभी भारतीय भाषाओं की मित्र है और मिलकर वे हमारे सांस्कृतिक स्वाभिमान को मज़बूत कर सकती हैं।”
“भाषा को बांटने का नहीं, जोड़ने का माध्यम बनाएंगे”
गृहमंत्री ने कहा कि दशकों से भाषा को देश को विभाजित करने के औज़ार के तौर पर इस्तेमाल किया गया, हालांकि वे सफल नहीं हो पाए। उन्होंने कहा, “अब समय आ गया है कि हमारी भाषाएं भारत को जोड़ने का माध्यम बनें। इसके लिए आधिकारिक भाषा विभाग पूरी ताक़त से काम करेगा।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जो नींव रखी जा रही है, उसका लक्ष्य है 2047 तक एक “महान भारत” का निर्माण — और इसमें भारतीय भाषाओं की भूमिका अहम होगी। उनका विकास, संरक्षण और उपयोग लगातार बढ़ाया जाएगा।
“सरकारी कामकाज में बढ़े भारतीय भाषाओं का इस्तेमाल”
अमित शाह ने ज़ोर देकर कहा कि केवल केंद्र सरकार ही नहीं, बल्कि राज्य सरकारों को भी भारतीय भाषाओं के प्रयोग को बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए राज्यों से संवाद किया जाएगा और उन्हें सहयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।




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