
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के कस्बा इलाके में एक महिला लॉ छात्रा से कॉलेज परिसर में कथित सामूहिक दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस मामले में तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें दो वर्तमान छात्र और एक पूर्व छात्र शामिल है। पुलिस के अनुसार, घटना 25 जून की शाम को घटी, जब छात्रा को कॉलेज परिसर के एक कमरे में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया।
आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी
गिरफ्तार आरोपियों में 31 वर्षीय मोनोजीत मिश्रा (कॉलेज की पूर्व इकाई का अध्यक्ष), 19 वर्षीय जैब अहमद और 20 वर्षीय प्रमित मुखर्जी (प्रमित मुखोपाध्याय) शामिल हैं। मोनोजीत और जैब को 26 जून की शाम को कोलकाता के तालबगान क्रॉसिंग के पास गिरफ्तार किया गया, जबकि प्रमित को अगले दिन सुबह उसके घर से पकड़ा गया। तीनों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं और कोर्ट ने उन्हें 1 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
पुलिस का बयान
कोलकाता पुलिस के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है और मामले की जांच जारी है। फिलहाल पीड़िता का मेडिकल परीक्षण किया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि जांच प्रारंभिक चरण में है और सभी आरोपी पुलिस हिरासत में हैं।
भाजपा ने ममता सरकार पर साधा निशाना
इस मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। पार्टी के नेता अमित मालवीय ने आरोप लगाया कि आरोपी तृणमूल कांग्रेस से जुड़े हुए हैं, हालांकि उन्होंने इसके पक्ष में कोई सबूत नहीं दिया। उन्होंने कहा कि “ममता बनर्जी के शासन में महिलाएं असुरक्षित महसूस कर रही हैं।”
राष्ट्रीय महिला आयोग की सख्ती
घटना पर राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने स्वतः संज्ञान लेते हुए कोलकाता पुलिस आयुक्त को पत्र लिखा है। आयोग ने मामले की तेजी से जांच करने और पीड़िता को न्याय, मुआवजा और सभी प्रकार की सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया है। साथ ही तीन दिन में विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।
10 महीने पहले आरजी कर मेडिकल कॉलेज में हुई थी भयावह घटना
यह मामला उस दर्दनाक घटना के करीब 10 महीने बाद सामने आया है, जब कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक महिला प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या हुई थी। उस मामले में दोषी संजय रॉय को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।
इस ताजा घटना ने एक बार फिर राज्य में महिला सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी है। जांच के निष्कर्ष और प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।




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