
शैक्षणिक सत्र 2025-26 से कक्षा पांचवीं के छात्रों को एनसीईआरटी की नई हिंदी पुस्तक ‘वीणा’ से पढ़ाया जाएगा। इस किताब में बच्चों को अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इसरो के गगनयान मिशन, पैरालंपिक तैराक मुरलीकांत पेटकर, गंगा नदी की यात्रा, पंचतंत्र की नैतिक कहानियाँ, राजा विक्रमादित्य और राजा भोज जैसी ऐतिहासिक शख्सियतों की कहानियों से रूबरू कराया जाएगा।
आधुनिक और पारंपरिक भारत का मेल
जहाँ एक ओर गगनयान और एआई जैसे विषय आधुनिक भारत की वैज्ञानिक सोच को उजागर करेंगे, वहीं पंचतंत्र और प्राचीन राजाओं की कथाएं बच्चों में नैतिकता, विवेक, संवेदनशीलता और व्यवहारिक ज्ञान का विकास करेंगी।
पेटकर की कहानी से देशप्रेम और प्रेरणा
देशभक्ति और खेल भावना को बढ़ावा देने के लिए पैरालंपिक विजेता मुरलीकांत राजाराम पेटकर की कहानी भी शामिल की गई है। 1965 के भारत-पाक युद्ध में घायल होने के बाद उन्होंने 1972 के पैरालंपिक में भारत को तैराकी में पहला स्वर्ण पदक दिलाया था।
गंगा नदी: एक यात्रा, एक चेतावनी
‘गंगा की कहानी’ नामक पाठ में गंगा के उद्गम स्थल गोमुख, गंगोत्री, भागीरथी और देवप्रयाग से लेकर काशी और बंगाल की खाड़ी तक की यात्रा को चित्रित किया गया है। इसमें गंगा के धार्मिक महत्व, पर्यावरणीय संकट और प्रदूषण की समस्या को भी उजागर किया गया है।
राज्य, संस्कृति और त्योहारों की झलक
इस पुस्तक के माध्यम से बच्चे अब हरियाणा में दूध की आवश्यकता, मणिपुर की लोकतक झील, असम के काजीरंगा नेशनल पार्क, अरुणाचल प्रदेश का साडकेन पर्व, उज्जैन का ऐतिहासिक महत्व और राजा विक्रमादित्य के न्याय से भी परिचित होंगे।
अजंता-एलोरा की गुफाएं: संस्कृति और शिल्प का संगम
भारतीय संस्कृति की झलक देते हुए पुस्तक में अजंता और एलोरा की गुफाओं का भी उल्लेख है। ये गुफाएं 2000 वर्ष पुरानी भारतीय इंजीनियरिंग, मूर्तिकला और चित्रकला का अद्भुत उदाहरण हैं।
नई शिक्षा नीति की सोच पर आधारित
एनसीईआरटी के विशेषज्ञों द्वारा तैयार की गई यह पुस्तक राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुसार खेल, गतिविधि-आधारित शिक्षण और भाषा कौशल के विकास पर विशेष जोर देती है।




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