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अपने स्कूलों के आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करेगी दिल्ली सरकार, आधुनिक शिक्षा मॉडल्स का कर रही अध्ययन 

दिल्ली सरकार अपने स्कूलों के आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने और शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए वैश्विक स्तर पर अपनाए जा रहे बेहतरीन शैक्षणिक मॉडलों का अध्ययन कर रही है। इसी प्रयास के तहत शुक्रवार को दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने लंदन स्थित ‘ब्रिटानिया विलेज प्राइमरी स्कूल’ का दौरा किया। यह स्कूल ‘गूगल रेफरेंस स्कूल’ के रूप में प्रसिद्ध है, जहां शिक्षा प्रणाली समावेशी, तकनीक-संपन्न और विद्यार्थी-केंद्रित है।

श्री सूद ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस विद्यालय में 1:1 क्रोमबुक क्लासरूम, जिज्ञासा-आधारित शिक्षण पद्धति, लचीले शिक्षण कक्ष और विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान जैसे तत्व देखने को मिले। उन्होंने कहा, “यह स्पष्ट है कि सार्वजनिक शिक्षा को भी आधुनिक, न्यायसंगत और सुलभ बनाया जा सकता है।”

इस दौरान उन्होंने छात्रों, शिक्षकों और गूगल यूके की टीम से मुलाकात कर यह जानने का प्रयास किया कि ऐसे शैक्षणिक मॉडल दिल्ली के सीएम श्री स्कूलों में हो रहे शैक्षणिक सुधारों को किस प्रकार और अधिक सशक्त बना सकते हैं।

लंदन यात्रा के दौरान सूद ने ‘Google Accessibility Discovery Centre’ का भी दौरा किया, जहां उन्होंने यह समझा कि समावेशी तकनीकें दिव्यांग और सेरेब्रल डिसएबिलिटी से ग्रसित विद्यार्थियों के लिए शिक्षा को कैसे सुलभ बना रही हैं।

उन्होंने बताया, “हमने देखा कि सहायक तकनीकें SEND (Special Educational Needs and Disabilities) छात्रों की किस प्रकार मदद कर रही हैं। शिक्षक विभिन्न प्रमाणन माध्यमों के ज़रिए अपने कौशल को निखार रहे हैं, और डिजिटल टूल्स के माध्यम से शिक्षा को व्यक्तिगत रूप से अनुकूलित कर छात्रों की मूलभूत साक्षरता को मज़बूती दी जा रही है।”

श्री सूद ने यह भी साझा किया कि चिन-नियंत्रित जॉयस्टिक, आंखों की गति से संचालित गेम्स (जो मोटर स्किल्स को विकसित करते हैं), लाइव कैप्शनिंग और स्क्रीन रीडर जैसी तकनीकों से शिक्षा में समावेशिता को एक नया आयाम मिला है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार इन सहायक तकनीकों को अपनी शैक्षणिक प्रणाली में अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि कोई भी छात्र शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे।

इससे पहले 28 जून को श्री सूद ने गुजरात के सूरत शहर के कुछ स्कूलों का दौरा किया था। वहां उन्होंने स्मार्ट बोर्ड्स के माध्यम से हो रही कक्षा शिक्षण प्रक्रिया को देखा और छात्रों से बातचीत की, ताकि यह जाना जा सके कि डिजिटल तकनीकें उनके सीखने पर क्या सकारात्मक प्रभाव डाल रही हैं।

सूरत प्रवास के दौरान उन्होंने एक AI और रोबोटिक्स लैब का भी निरीक्षण किया, जहां छात्रों को ड्रोन, 3D प्रिंटर और आधुनिक सेंसर-आधारित सुरक्षा प्रणालियों पर प्रयोग करते हुए देखा।

श्री सूद ने कहा कि दिल्ली सरकार शीघ्र ही गुजरात की तर्ज पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्मार्ट बोर्ड्स और रोबोटिक्स जैसी अत्याधुनिक तकनीकों को अपने सरकारी स्कूलों में लागू करने की दिशा में कार्य करेगी।

Asmita Sarkar

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