Edinbox Hindi

आईजीएनसीए ने शुरू किया अनुवाद और एआई पर आधारित नया डिप्लोमा कोर्स

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र (IGNCA) ने युवाओं और पेशेवरों के लिए एक अनोखा और आधुनिक पाठ्यक्रम शुरू किया है—पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन ट्रांसलेशन एंड मशीन लर्निंग (PGDTML)। यह कोर्स अनुवाद के पारंपरिक तरीकों से हटकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के सहयोग से भाषा के तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं पर केंद्रित है।

क्या है इस कोर्स की खासियत?
IGNCA का यह कोर्स सामान्य विश्वविद्यालयों में पढ़ाए जाने वाले अनुवाद कोर्स से अलग है। जहां अन्य संस्थानों में केवल सैद्धांतिक पढ़ाई होती है, वहीं यह कोर्स 40% थ्योरी और 60% प्रैक्टिकल टेक्नोलॉजी पर आधारित है। इसका उद्देश्य छात्रों को न केवल अनुवाद करना सिखाना है, बल्कि उन्हें यह भी सिखाना है कि एआई अनुवाद में कहां गलत हो सकता है और उसे कैसे सुधारा जाए।

तकनीक के साथ भाषा की पढ़ाई
IGNCA के कलानिधि एवं शैक्षणिक प्रभारी डॉ. अरुण कुमार भारद्वाज के अनुसार, यह कोर्स छात्रों को तकनीक के जरिए भाषा और अनुवाद की नई संभावनाओं से परिचित कराएगा। वे बताते हैं कि IGNCA हर वर्ष कई नए पार्ट-टाइम कोर्स शुरू करता है, जो समय और जरूरत के अनुरूप डिजाइन किए जाते हैं।

IGNCA के नए डिप्लोमा प्रोग्राम्स
इस वर्ष IGNCA द्वारा संचालित पाठ्यक्रमों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। इनमे से चार नए कोर्स इस प्रकार हैं:
पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन इंडियन आर्ट एंड एस्थेटिक्स (PGDIAA)
पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन रॉक आर्ट एंड एथनो-आर्कियोलॉजी (PGDRAEAS)
पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन एप्लाइड एथ्नोग्राफी (PGDAE)
पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन ट्रांसलेशन एंड मशीन लर्निंग (PGDTML)

ये कोर्स भारतीय कला, संस्कृति और तकनीक के समन्वय से युवाओं को समग्र दृष्टिकोण प्रदान करते हैं।

नौकरीपेशा और विद्यार्थी—दोनों के लिए सुनहरा अवसर
सभी कोर्स एक वर्षीय पार्ट-टाइम हैं, जिनमें प्रत्येक में 25 सीटें उपलब्ध हैं। शाम 6 से 8 बजे तक कक्षाएं आयोजित की जाती हैं, जिससे नौकरीपेशा व्यक्ति भी इन कोर्सों में भाग ले सकते हैं। आवेदन वही अभ्यर्थी कर सकते हैं जिन्होंने किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री प्राप्त की हो।

Asmita Sarkar

Add comment

Recent posts

Most popular

Most discussed