
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने छात्रों से आह्वान किया कि वे खुद को आधुनिक तकनीकों से लैस करें और देश की प्रगति में सक्रिय भागीदार बनें। उन्होंने कहा कि आने वाला समय उन्हीं युवाओं का होगा जो खुद को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार करेंगे। मुख्यमंत्री गोरेश्वर कॉलेज के स्वर्ण जयंती समारोह के समापन अवसर पर बोल रहे थे।
उन्होंने कहा, “2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ती इस अमृत यात्रा में युवाओं को ‘अमृत संतान’ की तरह नेतृत्व करना होगा।
शैक्षणिक संस्थानों को बनना होगा बदलाव की धुरी
सरमा ने कहा कि शैक्षणिक संस्थान केवल शिक्षा के केंद्र नहीं हैं, बल्कि वे समाज और क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में भी बड़ी भूमिका निभाते हैं।
“गोरेश्वर कॉलेज वर्षों से इस जिम्मेदारी को निभा रहा है और खुद को असम के अग्रणी शिक्षण संस्थानों में स्थापित किया है,” उन्होंने कहा।
तकनीकी दक्षता ही सफलता की कुंजी
मुख्यमंत्री ने छात्रों को परंपरागत शिक्षा से आगे सोचने की सलाह दी और कहा कि आज की दुनिया में AI, क्वांटम फिजिक्स, मशीन लर्निंग, IoT, ऑगमेंटेड रियलिटी और डेटा एनालिटिक्स जैसे विषय तेजी से बढ़ रहे हैं।
“अगर आप इन क्षेत्रों में दक्ष हैं, तो आप भारत के विकास पथ के सशक्त भागीदार बन सकते हैं,” उन्होंने कहा।
बाज़ार की मांग के अनुरूप हो शिक्षा प्रणाली
सरमा ने यह भी कहा कि शिक्षा को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। छात्रों और शिक्षकों को बाजार की बदलती जरूरतों को समझते हुए पाठ्यक्रम को निरंतर अपडेट करते रहना होगा।
“प्रतिस्पर्धी दुनिया में टिके रहने के लिए ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक दृष्टिकोण और तकनीकी समझ बेहद जरूरी है,” उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा।




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