
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान (IICT) के पहले परिसर का उद्घाटन किया। यह अत्याधुनिक केंद्र मुंबई के नेशनल फिल्म डेवेलपमेंट कॉर्पोरेशन (NFDC) में स्थापित किया गया है। उद्घाटन समारोह में उन्होंने घोषणा की कि भविष्य में देशभर में आईआईटी और आईआईएम की तर्ज पर और भी IICT संस्थान शुरू किए जाएंगे।
रचनात्मक तकनीकों में युवाओं को मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण
IICT की स्थापना का उद्देश्य VFX, गेमिंग, एनीमेशन और विस्तारित वास्तविकता (XR) जैसे उभरते क्षेत्रों में युवाओं को उद्योगोन्मुखी और आधुनिक प्रशिक्षण देना है। इसके लिए संस्थान ने गूगल, मेटा, NVIDIA, माइक्रोसॉफ्ट, एप्पल, एडोब और डब्ल्यूपीपी जैसी वैश्विक टेक कंपनियों के साथ साझेदारी की है। ये कंपनियां प्रशिक्षण मॉड्यूल विकसित करने में सहयोग कर रही हैं, ताकि छात्रों को सीधे उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल मिल सके।
वैश्विक सहयोग और विश्वविद्यालयों से जुड़ाव
वैष्णव ने बताया कि चार भारतीय विश्वविद्यालयों के साथ गठजोड़ की प्रक्रिया चल रही है, जबकि यॉर्क विश्वविद्यालय (यूके) के साथ पहले ही करार हो चुका है। इससे IICT के पाठ्यक्रमों को अंतरराष्ट्रीय मान्यता और गुणवत्ता मिलेगी।
मुंबई बनेगा रचनात्मक तकनीक का ग्लोबल हब
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मुंबई, जो पहले से ही फिल्म और रचनात्मकता का केंद्र है, अब रचनात्मक तकनीक के क्षेत्र में भी देश का नेतृत्व करेगा। अगला IICT परिसर मुंबई की फिल्म सिटी में बनाया जाएगा, जिसके लिए महाराष्ट्र सरकार ने 400 करोड़ रुपये आवंटित कर दिए हैं और ज़मीन भी प्रदान कर दी गई है। यह नया परिसर देश के सबसे उन्नत तकनीकी शिक्षा केंद्रों में से एक होगा।
रचनात्मक अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए 150 करोड़ की सहायता
IICT का लक्ष्य अपने पहले वर्ष में लगभग 300 छात्रों और प्रशिक्षकों को VFX, पोस्ट-प्रोडक्शन, गेमिंग और XR जैसे क्षेत्रों में छोटे और लंबे कोर्सों के माध्यम से प्रशिक्षण देना है।
उद्घाटन समारोह में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और मंत्री आशीष शेलार भी मौजूद थे। इस अवसर पर फडणवीस ने ‘WEVES’ सम्मेलन की रिपोर्ट जारी करते हुए रचनात्मक अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए 150 करोड़ रुपये के विशेष कोष की घोषणा की।
मुंबई बनेगा ‘क्रिएटिव इंडस्ट्री कैपिटल’
फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार मुंबई को वैश्विक रचनात्मक अर्थव्यवस्था की राजधानी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और दावोस की तर्ज पर हर दो साल में एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने की योजना बना रही है। उन्होंने यह भी बताया कि “वेव्स इंडेक्स” के तहत ट्रैक की जा रही 42 रचनात्मक कंपनियों का संयुक्त मूल्यांकन 93,000 करोड़ से बढ़कर 1 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
भारत पैवेलियन और संग्रहालय का लोकार्पण
इस कार्यक्रम में एनएमआईसी परिसर के गुलशन महल में “श्रुति से स्ट्रीमिंग तक” थीम पर आधारित एक स्थायी संग्रहालय ‘भारत पैवेलियन’ का भी उद्घाटन किया गया। फडणवीस ने इसे मुंबई के सांस्कृतिक और पर्यटन मानचित्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।




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