
अब देशभर के स्कूलों में कक्षा 6वीं से 12वीं तक के छात्र कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और कौशल विकास की पढ़ाई कर सकेंगे। केंद्रीय कौशल विकास मंत्रालय ने छात्रों और शिक्षकों को एआई के लिए तैयार करने के उद्देश्य से ‘स्किल फॉर एआई रेडीनेस’ कोर्स लॉन्च किया है।
इस पहल में Microsoft, NASSCOM और HCL जैसी तकनीकी कंपनियां सहयोग कर रही हैं। छात्रों के लिए तीन AI मॉड्यूल और शिक्षकों के लिए एक विशेष मॉड्यूल तैयार किया गया है।
लॉन्चिंग और उद्देश्य
केंद्रीय कौशल विकास राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने मंगलवार को दिल्ली में ‘भारत स्किलनेक्स्ट 2025’ कार्यक्रम के तहत इस कोर्स की शुरुआत की। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य है स्कूली स्तर पर ही छात्रों को AI में दक्ष बनाना ताकि वे वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ सकें।”
इस कोर्स का उद्देश्य छात्रों में एआई की जागरूकता और बुनियादी समझ विकसित करना है, साथ ही शिक्षकों को एआई साक्षर बनाना है। यह कोर्स शहरी के साथ-साथ ग्रामीण छात्रों तक भी पहुंच सुनिश्चित करेगा।
प्रशिक्षण और मॉड्यूल की विशेषताएं
तैयारी: कोर्स का डिज़ाइन NCVET (नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग) द्वारा किया गया है।
मॉड्यूल: छात्रों के लिए 3 चरणों में प्रशिक्षण; शिक्षकों के लिए 45 घंटे का विस्तृत कार्यक्रम।
पाठ्यक्रम में शामिल हैं: एआई की मूलभूत समझ, व्यावहारिक कौशल और मूल्यांकन।
पंजीकरण कैसे करें?
– छात्र और शिक्षक Skill India Digital Hub पोर्टल पर जाकर पंजीकरण कर सकते हैं।
– पंजीकरण के लिए अपार ID (Aadhaar Enabled Academic Bank of Credits ID) जरूरी होगी।
– लॉगिन के बाद ऑनलाइन प्रशिक्षण और मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
प्रमाण-पत्र और क्रेडिट अंक
– प्रशिक्षण पूरा होने के बाद ऑनलाइन प्रमाण-पत्र जारी किया जाएगा।
– छात्रों को प्रत्येक मॉड्यूल के लिए 0.5 क्रेडिट अंक, और
– शिक्षकों को 45 घंटे की ट्रेनिंग के बाद 1.5 क्रेडिट अंक मिलेंगे।
ये क्रेडिट्स Skill India Digital Hub और संबंधित अवार्डिंग बॉडी के पास दर्ज किए जाएंगे।
एआई को चुनौती नहीं, अवसर की तरह अपनाने का समय
शिक्षा मंत्रालय का मानना है कि यदि छात्रों को प्रारंभिक स्तर से ही एआई की समझ दी जाए, तो वे इसे एक चुनौती नहीं बल्कि करियर और नवाचार के अवसर के रूप में अपनाएंगे।




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