
मेघालय उच्च न्यायालय ने जवाहर नवोदय विद्यालय, मावफलांग को छात्र नथानिएल सोहतुन की मौत के मामले में उसके माता-पिता को ₹6.5 लाख का मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह राशि आठ सप्ताह के भीतर चुकानी होगी।
पूरा मामला:
नथानिएल सोहतुन, जेएनवी मावफलांग का कक्षा 11 का छात्र था, जिसकी मौत पिछले साल होस्टल की छत पर करंट लगने से हो गई थी। अदालत ने इसे स्कूल प्रशासन की गंभीर लापरवाही का नतीजा माना है। फैसले में कहा गया कि छात्र जिस स्थान पर नहा रहा था, उसे लॉक रहना चाहिए था, लेकिन वह खुला मिला—जो सुरक्षा में बड़ी चूक है। इसके अलावा, स्कूल की इलेक्ट्रिकल व्यवस्था की भी खराब स्थिति उजागर हुई, जिसे लेकर पहले भी चेतावनियां दी जा चुकी थीं।
कोर्ट की टिप्पणियां:
न्यायमूर्ति हमर सिंह थांगख्यू की पीठ ने कहा कि यह घटना स्कूल की लापरवाही और सुरक्षा उपायों की कमी के कारण हुई। हालांकि, स्कूल की प्रधानाचार्य नीलम शर्मा के खिलाफ आपराधिक लापरवाही का आरोप सिद्ध नहीं हो सका, लेकिन इस मामले में एक आपराधिक केस फिलहाल कोर्ट में लंबित है और तीन व्यक्तियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।
सुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश:
अदालत ने भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए स्कूल को तुरंत कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाने के निर्देश दिए हैं:
– इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशनों की नियमित सुरक्षा ऑडिट
– प्रमाणित इलेक्ट्रिशियनों की नियुक्ति
– छत जैसे संवेदनशील क्षेत्रों की सख्त निगरानी
– खतरनाक इलाकों में चेतावनी संकेत और जोखिम चिह्नों की व्यवस्था
अदालत ने साफ कहा कि संस्थान की यह ज़िम्मेदारी है कि वह छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे और सभी सुरक्षा मानकों का पालन करे।
यह फैसला न केवल न्याय का प्रतीक है, बल्कि देशभर के शैक्षणिक संस्थानों के लिए एक चेतावनी भी है कि छात्रों की सुरक्षा में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।




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