
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने हाल ही में पांच राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों में स्थित 15 स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। बोर्ड के अनुसार, कुछ स्कूलों में फर्जी छात्रों का नामांकन पाया गया, खासकर कक्षा 11 और 12 में छात्रों की संख्या कक्षा 9 और 10 की तुलना में असामान्य रूप से अधिक थी।
15 टीमें, एक साथ किए गए निरीक्षण
दिल्ली, चंडीगढ़, आंध्र प्रदेश, झारखंड, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में यह अभियान चलाया गया। सीबीएसई ने निरीक्षण के लिए 15 विशेष टीमें गठित कीं, जिनमें प्रत्येक टीम में बोर्ड का एक अधिकारी और एक संबद्ध स्कूल का प्रधानाचार्य शामिल था। निरीक्षण एक ही समय में, सीमित अवधि में किया गया ताकि स्कूलों को पूर्व सूचना न मिले और किसी तरह की छेड़छाड़ से बचा जा सके।
सीबीएसई के नोटिस में कहा गया है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि स्कूल बोर्ड के उपनियमों और मानदंडों का पालन कर रहे हैं या नहीं। साथ ही यह भी जांचा गया कि शैक्षणिक और भौतिक बुनियादी ढांचे की स्थिति कैसी है, और कहीं गैर-हाजिर छात्रों को फर्जी तरीके से दाखिला तो नहीं दिया जा रहा।




Add comment