
दिल्ली के 32 से अधिक स्कूलों को सोमवार सुबह ई-मेल के जरिए बम की धमकी मिली, जिससे पुलिस और स्कूल प्रशासन में हड़कंप मच गया। तुरंत छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और पुलिस की कई टीमें मौके पर पहुंचीं। तलाशी के बाद अधिकारियों ने इसे झूठी धमकी बताया। ज्यादातर स्कूलों में छात्रों को घर नहीं भेजा गया, बल्कि सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद कक्षाएं शुरू कर दी गईं।
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सबसे पहले दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस), वंदना इंटरनेशनल स्कूल, मॉडर्न कॉन्वेंट स्कूल और श्रीराम वर्ल्ड स्कूल को धमकी भरे ई-मेल मिले। धीरे-धीरे स्कूलों की संख्या बढ़कर 32 हो गई। दक्षिण-पश्चिम जिले के उपायुक्त अमित गोयल ने बताया कि उनके क्षेत्र के 13 स्कूलों को ई-मेल से धमकी मिली थी, जबकि दक्षिण जिले के उपायुक्त अंकित चौहान के अनुसार उनके क्षेत्र के 7 स्कूलों को ऐसे मेल मिले। इनमें साकेत स्थित बिड़ला विद्या निकेतन और अमेटी इंटरनेशनल स्कूल भी शामिल थे। इसके अलावा द्वारका के 11 और सेंट्रल जिले के एक स्कूल को भी धमकी मिली।
धमकी के बाद सभी स्कूलों में बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड ने तलाशी ली, लेकिन कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। डीपीएस द्वारका ने बाद में बयान जारी कर स्कूल बंद रखने का फैसला किया और छात्रों को सुरक्षित घर भेज दिया।
साइबर जांच जारी
दिल्ली पुलिस ने बताया कि साइबर फॉरेंसिक टीमें ई-मेल हेडर और डिजिटल फुटप्रिंट का विश्लेषण कर रही हैं ताकि मेल भेजने वाले की पहचान की जा सके। अधिकारियों को शक है कि यह किसी शरारती तत्व का काम है, हालांकि किसी संगठित साजिश की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।
बार-बार मिल रही धमकियां
दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से अगस्त तक दिल्ली-एनसीआर में 100 से ज्यादा स्कूल और कॉलेजों को इसी तरह की धमकियां मिल चुकी हैं। इनमें डीपीएस वसंत विहार, अमेटी स्कूल साकेत, सलवान पब्लिक स्कूल, मॉडर्न स्कूल, वसंत वैली, सेंट स्टीफंस कॉलेज और श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स जैसे बड़े संस्थान शामिल हैं।
जुलाई में ही चार दिनों के भीतर 50 से ज्यादा स्कूलों को झूठी धमकी मिली थी। इसी दौरान 12 वर्षीय एक बच्चे को गिरफ्तार किया गया था, जिसने सेंट स्टीफंस कॉलेज और सेंट थॉमस स्कूल को धमकी ई-मेल भेजा था। अब तक सभी धमकियां झूठी साबित हुई हैं, लेकिन पुलिस हर मामले को गंभीरता से ले रही है।
शिक्षा जगत में चिंता
स्कूल्स एक्शन कमेटी के अध्यक्ष भरत अरोड़ा ने कहा कि लगातार मिल रही धमकियां बेहद चिंताजनक हैं। इससे शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं और छात्रों व अभिभावकों में भय का माहौल बन रहा है।




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