
तमिलनाडु के सरकारी स्कूलों की मेहनत और राज्य सरकार की दूरदर्शी नीतियों का नतीजा अब साफ दिख रहा है। इस साल 28 सरकारी स्कूलों के छात्र IIT मद्रास (IIT Madras) में दाखिला लेने में सफल रहे हैं। ये सभी छात्र IIT4Everyone पहल के अंतर्गत चुने गए हैं। इस योजना की शुरुआत मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने अप्रैल 2023 में की थी।
शिक्षा मंत्री का बयान
राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री अनबिल महेश पोय्यामोझी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस उपलब्धि की जानकारी साझा करते हुए लिखा:
“मुख्यमंत्री @mkstalin की दूरदर्शी सोच की बदौलत हमारे सरकारी स्कूलों के छात्र नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। बेहद गर्व की बात है कि 28 छात्र @iitmadras में दाखिला पा चुके हैं। इन उज्ज्वल प्रतिभाओं को उनकी नई यात्रा के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं।”
IIT4Everyone पहल
यह पहल खासतौर पर समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों को उच्च शिक्षा और IIT जैसी संस्थाओं तक पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई थी।
IIT प्रवेश 2025: मुख्य झलकियां
– इस साल टॉप 100 रैंकर्स में से 6 छात्रों ने IIT मद्रास चुना—यह पिछले 5 वर्षों में सबसे अधिक है।
– 73 टॉपर्स ने IIT बॉम्बे और 19 टॉपर्स ने IIT दिल्ली को प्राथमिकता दी।
– 2025 में IIT मद्रास में कुल 1,124 सीटें आवंटित हुईं, जिनमें 237 महिला छात्राएं शामिल हैं।
– देशभर के 23 IITs में इस साल कुल 18,188 सीटों पर दाखिला हुआ।
महिला प्रतिनिधित्व में बढ़ोतरी
IIT मद्रास में महिला छात्रों का प्रतिनिधित्व लगातार बढ़ रहा है और 2025 में यह 21.09% तक पहुंच गया।
तमिलनाडु के लिए गौरव का क्षण
सरकारी स्कूलों के छात्रों का IIT में प्रवेश न केवल राज्य की शिक्षा की गुणवत्ता को दर्शाता है, बल्कि छात्रों की दृढ़ इच्छाशक्ति और मेहनत का भी प्रमाण है। यह उपलब्धि तमिलनाडु के लिए गौरव का विषय है।




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