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क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 जारी: IIT दिल्ली भारत में टॉप, 54 भारतीय संस्थान लिस्ट में शामिल

क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 (QS World University Ranking 2026) का ऐलान हो गया है। यह रैंकिंग बताती है कि पढ़ाई और रिसर्च के लिहाज़ से दुनिया के कौन से विश्वविद्यालय सबसे बेहतरीन हैं। हर साल लाखों छात्र आगे की पढ़ाई के लिए इन रैंकिंग्स पर नज़र रखते हैं।

शीर्ष 3 विश्वविद्यालय: MIT फिर नंबर 1
इस साल भी मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) पहले स्थान पर बना हुआ है। खास बात यह रही कि इंपीरियल कॉलेज लंदन दूसरे स्थान पर पहुंच गया है, जबकि पिछले साल दूसरे स्थान पर रही स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी अब तीसरे नंबर पर आ गई है।

QS रैंकिंग 2026: दुनिया के शीर्ष 10 विश्वविद्यालय
1. मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT), अमेरिका
2. इंपीरियल कॉलेज लंदन, यूनाइटेड किंगडम
3. स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी, अमेरिका
4. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी, यूनाइटेड किंगडम
5. हार्वर्ड यूनिवर्सिटी, अमेरिका
6. कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी, यूनाइटेड किंगडम
7. ईटीएच ज्यूरिख (ETH Zurich), स्विट्जरलैंड
8. नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर (NUS), सिंगापुर
9. यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (UCL), यूनाइटेड किंगडम
10. कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (Caltech), अमेरिका

MIT: लगातार नंबर 1
MIT ने लगातार अपना पहला स्थान बरकरार रखा है। यह यूनिवर्सिटी विज्ञान, इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी में अपनी रिसर्च के लिए जानी जाती है। दुनिया भर से छात्र और शिक्षक यहां पढ़ाई और रिसर्च के लिए आते हैं।

इंपीरियल कॉलेज लंदन की छलांग
इस साल इंपीरियल कॉलेज लंदन दूसरे स्थान पर आ गया। STEM विषयों (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स), सस्टेनेबिलिटी और रिसर्च में इसके प्रदर्शन ने इसे यह ऊँचा स्थान दिलाया है।

स्टैनफोर्ड, ऑक्सफोर्ड और हार्वर्ड टॉप-5 में
– स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी तीसरे स्थान पर है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, उद्यमिता और ग्लोबल पार्टनरशिप्स के लिए प्रसिद्ध है।
– ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी चौथे स्थान पर है, जिसे दुनिया का सबसे पुराना और प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय माना जाता है।
– हार्वर्ड यूनिवर्सिटी पाँचवें स्थान पर है, जो कानून, बिजनेस और मेडिकल शिक्षा के लिए जानी जाती है।

कैम्ब्रिज, ETH ज्यूरिख और NUS
– कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी छठे स्थान पर रही।
– ETH ज्यूरिख, यूरोप का प्रमुख साइंस और इंजीनियरिंग संस्थान, सातवें नंबर पर है।
– नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर (NUS) आठवें स्थान पर पहुंचकर एशिया की बढ़ती ताकत को दिखाती है।

UCL और Caltech टॉप 10 में
– यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (UCL) इस साल नौवें स्थान पर है।
– कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (Caltech) 10वें नंबर पर है। छोटा संस्थान होने के बावजूद यह टेक्नोलॉजी और एप्लाइड साइंस में दुनिया का अग्रणी विश्वविद्यालय है।

क्यूएस रैंकिंग 2026 में भारत का प्रदर्शन
इस साल 54 भारतीय विश्वविद्यालय रैंकिंग में शामिल हुए हैं। 2014 में केवल 11 थे, यानी भारत ने बड़ी प्रगति की है और अब अमेरिका, ब्रिटेन और चीन के बाद चौथे स्थान पर है।

IIT दिल्ली – 123वां स्थान (पिछले साल 150 और 2024 में 197 पर था)
IIT बॉम्बे – 129वां स्थान (पिछले साल 118 पर था)
IIT मद्रास – 180वां स्थान (इस बार 47 पायदान की बड़ी छलांग)
IIT खड़गपुर – 215वां स्थान
IISc बेंगलुरु – 219वां स्थान
दिल्ली विश्वविद्यालय – 328वां स्थान
निजी विश्वविद्यालयों में, BITS पिलानी – 668वां स्थान, ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी – 851–900 की श्रेणी

इस बार 8 भारतीय विश्वविद्यालय पहली बार रैंकिंग में शामिल हुए हैं।

किस आधार पर तय होती है QS रैंकिंग?
क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग कई मानकों पर आधारित होती है:
अकादमिक प्रतिष्ठा – पढ़ाई और रिसर्च की गुणवत्ता
नियोक्ता प्रतिष्ठा – नौकरी में ग्रेजुएट्स की डिमांड
फैकल्टी-स्टूडेंट अनुपात – शिक्षक-छात्र संतुलन
शोध और उद्धरण – रिसर्च का वैश्विक प्रभाव
अंतरराष्ट्रीय विविधता – विदेशी छात्र और फैकल्टी की संख्या

इन्हीं आधारों पर तय होता है कि कौन-सा विश्वविद्यालय पढ़ाई और रिसर्च में सबसे आगे है। यह रैंकिंग छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को सही विकल्प चुनने में मदद करती है।

 

Asmita Sarkar

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