
शिक्षक दिवस से एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2025 के विजेताओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों को बधाई देने के साथ-साथ हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा किए गए जीएसटी सुधारों पर विस्तार से चर्चा की। पीएम मोदी ने कहा कि इन सुधारों से आम आदमी को सीधा लाभ मिलेगा और महंगाई का बोझ कम होगा। उन्होंने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले के दौर में टैक्स दरें इतनी ऊंची थीं कि आम लोगों का मासिक बजट बिगड़ जाता था।
पुरस्कार विजेताओं को बधाई
पीएम मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा, “राष्ट्रीय पुरस्कार पाना किसी यात्रा का अंत नहीं, बल्कि नई जिम्मेदारी की शुरुआत है। अब देश की निगाहें आप पर हैं और आपका प्रभाव क्षेत्र पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है। यह सम्मान आपके निरंतर परिश्रम और साधना का प्रमाण है। एक शिक्षक वर्तमान ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी का भविष्य गढ़ता है। यह कार्य किसी भी प्रकार से देश सेवा से कम नहीं है।”
उन्होंने आगे कहा कि हर शिक्षक को यह अवसर नहीं मिलता, लेकिन करोड़ों शिक्षक पूरे समर्पण और निष्ठा के साथ राष्ट्र निर्माण में लगे हुए हैं। यही शिक्षक देश को आगे बढ़ाते हैं और उसकी प्रगति की नींव मजबूत करते हैं।
जीएसटी सुधारों पर प्रधानमंत्री की टिप्पणी
पीएम मोदी ने कहा कि सरकार ने दिवाली और छठ पूजा से पहले देशवासियों को राहत देने का वादा किया था और अब जीएसटी को और सरल बनाने का बड़ा कदम उठाया गया है। उन्होंने बताया कि 22 सितंबर, नवरात्रि के पहले दिन से नई टैक्स दरें लागू होंगी, जिससे रोजमर्रा की दर्जनों चीजें सस्ती मिलनी शुरू हो जाएंगी।
उन्होंने याद दिलाया कि 8 साल पहले जीएसटी लागू होना आज़ाद भारत का सबसे बड़ा आर्थिक सुधार था, लेकिन 21वीं सदी की जरूरतों के हिसाब से इसमें बदलाव जरूरी थे। नए रिफॉर्म से गरीब, मध्यम वर्ग, किसान, महिलाएं और छात्र—सभी को सीधा फायदा होगा। पनीर से लेकर शैम्पू तक, यहां तक कि स्कूटर और कारों तक पर टैक्स घटा दिया गया है।
कांग्रेस पर हमला
टैक्स व्यवस्था पर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 2014 से पहले लगभग हर रोजमर्रा की चीज पर भारी-भरकम टैक्स लिया जाता था। “टूथपेस्ट, साबुन और हेयर ऑयल पर 27% टैक्स, बच्चों की टॉफी पर 21% टैक्स और कप-प्लेट-चम्मच जैसे सामानों पर 18-28% टैक्स वसूला जाता था। अगर वही दौर आज होता, तो 100 रुपये में से 20-25 रुपये सिर्फ टैक्स में देने पड़ते।”
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का लक्ष्य परिवारों का खर्च कम करना और उनकी बचत बढ़ाना है, जबकि कांग्रेस की नीतियों ने आम आदमी का बोझ हमेशा बढ़ाया।




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