Edinbox Hindi

हिंदी को रचनात्मक व सर्जनात्मक बनाने के लिए अरबिंदो कॉलेज में नवोन्मेष साहित्य सभा का गठन

श्री अरबिंदो कॉलेज के हिंदी विभाग ने हिंदी को रचनात्मक और सर्जनात्मक दिशा देने के उद्देश्य से नवोन्मेष साहित्य सभा का गठन किया। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डॉ. हंसराज सुमन ने कहा कि हिंदी को राष्ट्रभाषा का दर्जा दिलाने के लिए अंग्रेज़ी मानसिकता से मुक्त होना आवश्यक है। हिंदी की सरलता और व्यावहारिक प्रयोग ही इसे व्यापक स्वीकृति दिला सकते हैं।

सभा के गठन के दौरान डॉ. निर्देश प्रजापति को संयोजक, तृतीय वर्ष की छात्रा नेहा को अध्यक्ष, स्नेहा व अनिता को उपाध्यक्ष, खुशबू को सचिव, तबस्सुम व रियाज को सह-सचिव, पायल को कोषाध्यक्ष, विपिन को प्रचार समिति का दायित्व और पुष्पा व आयुष कुमार को अनुशासन समिति में चुना गया। कार्यकारिणी में 11 अन्य सदस्य भी शामिल किए गए।

डॉ. सुमन ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र संघ में हिंदी को मिले विशेष दर्जे के कारण अब यह वैश्विक संबंधों की भाषा के रूप में पहचान बना रही है। इसका असर भारत के सरकारी संस्थानों में भी दिख रहा है, जहां हिंदी प्रयोग को लेकर सकारात्मक वातावरण विकसित हो रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि नवोन्मेष साहित्य सभा के माध्यम से पूरे वर्ष कई गतिविधियां होंगी—
– राजभाषा हिंदी पर कार्यशालाएं
– गैर हिंदी भाषी छात्रों के लिए निःशुल्क हिंदी कक्षाएं
– व्याख्यान, परिचर्चा, संगोष्ठियां और फिल्म/पत्रकारिता/अनुवाद से जुड़े कार्यक्रम
– रचनात्मक लेखन प्रतियोगिताएं, निबंध व कहानी लेखन, क्विज, फील्ड ट्रिप आदि

अक्टूबर में हिंदी विभाग पत्रकारिता व सिनेमा पर राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित करेगा, जिसमें देशभर के पत्रकार और फिल्म प्रेमी शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त प्रसिद्ध साहित्यकारों पर विशेष कार्यक्रम भी होंगे, जिनमें दिल्ली विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों को आमंत्रित किया जाएगा।

डॉ. सुमन ने विश्वास जताया कि इन प्रयासों से न केवल कॉलेज बल्कि व्यापक स्तर पर भी हिंदी के प्रति युवाओं में सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होगा।

Asmita Sarkar

Add comment

Recent posts

Most popular

Most discussed