
असम के नागांव जिले में भारत रत्न भूपेन हजारिका की जन्म शताब्दी समारोह के तहत 17,000 से अधिक छात्रों ने उनका मशहूर गीत ‘मनुहे मनुहेर बेबे’ (यदि इंसान इंसान की परवाह न करे…) सामूहिक रूप से गाया। इस कार्यक्रम को इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में शामिल किया गया है।
कार्यक्रम का आयोजन
यह आयोजन बुधवार शाम नूरुल अमीन स्टेडियम में नागांव जिला प्रशासन की ओर से किया गया। इसमें जिले के 63 स्कूलों और कॉलेजों के छात्र शामिल हुए।
रिकॉर्डिंग और प्रमाण पत्र
इस अवसर पर सुनीता केडिया के नेतृत्व में इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की टीम मौजूद रही। टीम ने पूरे आयोजन को रिकॉर्ड किया और बाद में नागांव जिला आयुक्त देवाशीष शर्मा को प्रमाण पत्र सौंपा।
अतिथियों की मौजूदगी
कार्यक्रम में नागांव से भाजपा विधायक रूपक सरमा, राहा से विधायक शशिकांत दास, नागांव विश्वविद्यालय के कुलपति हितेश डेका, वरिष्ठ अधिकारी, कलाकार और कई सांस्कृतिक हस्तियाँ उपस्थित रहीं।
जन्म शताब्दी समारोह
भूपेन हजारिका की वर्षभर चलने वाली जन्म शताब्दी के कार्यक्रमों की शुरुआत सोमवार को हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी 13 सितंबर को एक विशेष श्रद्धांजलि सभा में शामिल होने वाले हैं।
भूपेन हजारिका का परिचय
‘सुधाकांत’ के नाम से लोकप्रिय भूपेन हजारिका का जन्म 8 सितंबर 1926 को असम के तिनसुकिया जिले के सदिया में हुआ था। उन्हें भारतीय संगीत और संस्कृति में अमूल्य योगदान के लिए भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।




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