
दिल्ली सरकार ने घोषणा की है कि राजधानी के सरकारी स्कूलों में नए शैक्षिक कार्यक्रम ‘राष्ट्रनीति’ के तहत छात्रों को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और उससे जुड़े सामाजिक कार्यों के बारे में पढ़ाया जाएगा। इस पाठ्यक्रम में वीर सावरकर, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे स्वतंत्रता सेनानियों पर भी अध्याय शामिल होंगे।
उद्देश्य और फोकस
शिक्षा मंत्री आशीष सूद के अनुसार, इस कार्यक्रम का मकसद छात्रों में नागरिक चेतना, मौलिक कर्तव्यों की समझ और राष्ट्रीय गौरव को बढ़ावा देना है।
– पाठ्यक्रम में आरएसएस की उत्पत्ति, विचारधारा और स्वतंत्रता संग्राम व प्राकृतिक आपदाओं में संगठन की भूमिका पर प्रकाश डाला जाएगा।
– इसमें आरएसएस द्वारा किए गए सामाजिक कार्यों जैसे रक्तदान अभियान, खाद्य आपूर्ति, केदारनाथ और बिहार बाढ़ राहत कार्य तथा कोविड-19 महामारी के दौरान की गई गतिविधियों का उल्लेख होगा।
– अटल बिहारी वाजपेयी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे नेताओं का ज़िक्र भी होगा, जो संघ से जुड़े रहे हैं।
– एक अलग खंड उन गुमनाम नायकों को समर्पित होगा जिनका योगदान अक्सर अनदेखा रह जाता है।
कार्यक्रम की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक, इन पाठों का उद्देश्य संगठन को लेकर मौजूद भ्रम और गलत धारणाओं को दूर करना भी है। शिक्षक पुस्तिकाएं तैयार की जा चुकी हैं और एससीईआरटी में प्रशिक्षण सत्र चल रहे हैं। फिलहाल यह तय किया जा रहा है कि कौन-सी कक्षाओं में यह नए अध्याय शामिल किए जाएंगे।
आधिकारिक शुभारंभ
‘राष्ट्रनीति’ कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ 18 सितंबर को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा भारत मंडपम में आयोजित ‘नमो विद्या उत्सव’ में किया गया। यह उत्सव तीन नए शैक्षिक पाठ्यक्रमों की शुरुआत का हिस्सा था।




Add comment