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कलकत्ता हाईकोर्ट ने शिक्षक भर्ती रद्द की, 25,753 लोगों की नौकरियों पर संकट

पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में आज एक बड़ा फैसला सुनाते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट ने कथित तौर पर अवैध रूप से प्राप्त सभी नौकरियां रद्द कर दीं। इतना ही नहीं,  अवैध तरीके से काम कर रहे लोगों को ब्याज समेत सैलरी लौटाने का भी आदेश दिया गया है। हाईकोर्ट के इस फैसले से 25,753 लोगों की नौकरियों पर संकट गहरा गया है। 

जज देबांशु बसाक और जज मोहम्मद सब्बीर रशीद की कलकत्ता हाईकोर्ट की खंडपीठ ने कहा, “जो लोग लंबे समय से अवैध तरीके से काम कर रहे हैं, उन्हें ब्याज समेत सैलरी लौटानी होगी।” इस फैसले के तहत 2016 के पैनल में नौकरी पाने वाले 25,753 लोगों की नौकरियां रद्द कर दी गईं। साथ ही पैनल का कार्यकाल खत्म होने के बाद जिन लोगों को नौकरी मिली है, उन्हें भुगतान करना होगा।

कोर्ट ने कहा कि जिन लोगों को एसएससी पैनल की समाप्ति के बाद नौकरी मिली, उन्हें जनता के पैसे से भुगतान किया गया। सभी को चार सप्ताह के अंदर 12 फीसदी सालाना ब्याज सहित वेतन लौटाना होगा। नए लोगों को नौकरी मिलेगी। हाई कोर्ट ने 15 दिनों के अंदर अंदर प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है।

वहीं, वादी पक्ष के वकील ने कहा, ”2016 का पूरा पैनल रद्द कर दिया गया है। कोर्ट ने डीएम को निर्देश दिया है। 2016 की सभी चार भर्ती प्रक्रियाएं – ग्रुप सी, ग्रुप डी, 9वीं-10वीं, 11वीं-12वीं – पैनल को रद्द कर दिया गया है। सभी को वेतन वापस करना होगा। कोर्ट ने कहा है कि छह सप्ताह के भीतर वेतन वापस करना होगा। संबंधित डीआई को यह देखने की जिम्मेदारी दी गई है कि वेतन वापस किया गया है या नहीं।’

क्‍या है पूरा मामला
पश्चिम बंगाल सरकार ने वर्ष 2016 में लगभग 25,753 पदों पर शिक्षकों नौकरियां निकाली थी। पूरे प्रदेश भर में शिक्षकों की बहाली की गई। आरोप है कि शिक्षक भर्ती में जमकर पैसे का खेल चला और इन भर्तियों के लिए 5 से 15 लाख तक का घूस लिया गया। बाद में इसे शिक्षक भर्ती घोटाला का नाम दिया गया। इस मामले में पश्‍चिम बंगाल हाईकोर्ट में रीट दाखिल की गई, जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने इन सभी नौकरियों को रद्द करने का आदेश सुनाया। 

हाईकोर्ट ने वर्ष 2016 का पूरा पैनल रद्द कर दिया है। साथ ही कोर्ट ने इसके लिए जिलाधिकारी को निर्देशित किया है और डीएम से चार सप्ताह के अंदर इसकी जानकारी देने को कहा है। बता दें कि 2016 में चार तरह की भर्तियां ग्रुप सी, ग्रुप डी, 9वीं-10वीं, 11वीं-12वीं हुईं थी। कोर्ट ने इस पैनल को रद्द कर दिया है। 

 

Asmita Sarkar

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