
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली ने कक्षा 9 और 11 की छात्राओं को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) के क्षेत्र में अपना करियर तलाशने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अपने एसटीईएम मेंटरशिप प्रोग्राम (STEM Mentorship Program) के तीसरे बैच की शुरुआत की। आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रोफेसर रंगन बनर्जी ने इस मेंटरशिप प्रोग्राम के तीसरे चरण की शुरुआत की।
गौरतलब है कि इस कार्यक्रम के माध्यम से स्कूली छात्राओं को जिन्दगी में आगे बढ़ने और विज्ञान के क्षेत्र में बेहतर भविष्य बनाने के लिए आईआईटी के पूर्व छात्र उन्हें सलाह देते हैं। इस मेंटरशिप प्रोग्राम को एसटीईएम (STEM) विषयों यानी साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स में करियर तलाशने के लिए स्कूली छात्राओं को प्रेरित और सशक्त बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
इस कार्यक्रम के लिए इस वर्ष दिल्ली सरकार के स्कूल, निजी स्कूल और केंद्रीय विद्यालयों की कुल दो सौ से अधिक छात्राओं ने पंजीकरण कराया था जिनमें से सौ होनहार छात्राओं को चुना गया है। नौ दिनों तक चलने वाली इस कार्यशाला में विशेषज्ञों के व्याख्यान और व्यावहारिक समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रोफेसर रंगन बनर्जी ने कहा, “हम अपने संस्थान में लैंगिक संतुलन बढ़ाने के इच्छुक हैं। यह कार्यशाला महिला छात्रों को एसटीईएम में अवसरों का पता लगाने और उनकी रुचि और जुनून के आधार पर बेहतर करियर विकल्प चुनने का अवसर प्रदान करती है। मेंटरशिप कार्यक्रम का उद्देश्य उभरती प्रतिभाओं के लिए एक अनुकूल वातावरण को बढ़ावा देना है।
एसटीईएम मेंटरशिप कार्यक्रम के तीसरे बैच में तीन चरण होंगे। 14 मई से 24 मई, 2024 तक चलने वाले ग्रीष्मकालीन चरण में 9-दिवसीय कार्यशाला होगी। नौ दिनों तक चलने वाली इस कार्यशाला में विशेषज्ञों के व्याख्यान और व्यावहारिक समस्याओं का समाधान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त एक कार्यशाला का आयोजन होगा जो छात्राओं को DIY परियोजनाओं के लिए व्यावहारिक अनुभव प्रदान करेगी।
इसके बाद जुलाई से नवंबर 2024 तक के “एट द स्कूल” चरण में प्रतिभागी विज्ञान-तकनीक व्याख्यान श्रृंखला में शिरकत करेंगे, जो मासिक स्तर पर शनिवार को आयोजित होगी। आईआईटी दिल्ली के छात्रों के साथ बातचीत का सत्र छात्राओं के सीखने के अनुभव को समृद्ध करेगा। यह कार्यक्रम जनवरी 2025 में “शीतकालीन चरण” में एसटीईएम, उद्यमिता में नेतृत्व पर व्याख्यान और आईआईटी दिल्ली के निपुण पूर्व छात्रों के साथ बातचीत के साथ समाप्त होगा।
कार्यक्रम की समन्वयक प्रोफेसर दिव्या नायर का कहना है कि “एसटीईएम मेंटरशिप प्रोग्राम एसटीईएम शिक्षा में लिंग-समावेशी उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के साथ ही आईआईटी दिल्ली की इस मामले में प्रतिबद्धता का भी प्रतीक है। हम भविष्य में बैच के आकार और स्कूलों की संख्या के संदर्भ में इस प्रोग्राम के विस्तार की योजना भी बना रहे हैं।”
बता दें कि दिसंबर 2021 में 10 लड़कियों के पहले समूह के साथ इस कार्यक्रम को लॉन्च किया गया था। इसके बाद जून 2023 में 32 स्कूली छात्राओं के दूसरे बैच का समापन हुआ। और अब तीसरे बैच की शुरुआत की गयी है।




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