
नई शिक्षा नीति में पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स (पीजी) यानी स्नातकोत्तर में प्रवेश के नियम इस बार बदल गए हैं। नए नियम के तहत विज्ञान विषय के विद्यार्थी कला विषयों में स्नातकोत्तर अध्ययन के नामांकन के लिए पात्र नहीं होंगे। तीन वर्षों के स्नातक में प्रमुख विषय के आधार पर ही स्नातकोत्तर (पीजी) में प्रवेश मिलेगा। विद्यार्थी के पास माइनर सब्जेक्ट के आधार पर भी पीजी कोर्स में प्रवेश लेने की सुविधा है लेकिन इसके लिए शर्त है कि विद्यार्थी के पास 24 क्रेडिट होना चाहिए। विद्यार्थी को तीन साल के ग्रेजुएट कार्यक्रम में ये 24 क्रेडिट अर्जित किया हुआ होना चाहिए।
उदाहरणस्वरूप, यदि बीए में विद्यार्थी का मेजर विषय राजनीति शास्त्र था तो पीजी में उसे एमए हिंदी या एमए हिस्ट्री करने का मौका नहीं मिलेगा। विद्यार्थी को एमए राजनीति शास्त्र से ही करना होगा। इसके अलावा साइंस विषयों से स्नातक विद्यार्थी यदि पीजी में आर्ट्स के विषय पढ़ना चाहता है तो अब वह ऐसा नहीं कर पाएगा। उसे मेजर सब्जेक्ट के आधार पर ही पीजी में प्रवेश मिलेगा।
इस सम्बन्ध में विभिन्न राज्यों के उच्च शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को गाइडलाइन जारी कर कहा है कि जो छात्र यूजी तीसरे वर्ष के बाद दो वर्षीय पीजी पाठ्यक्रम में प्रवेश लेना चाहते हैं उन्हें मेजर सब्जेक्ट में निर्धारित क्रेडिट अर्जित करना होगा। उच्च शिक्षा विभाग के निर्देश के मुताबिक माइनर सब्जेक्ट लेकर पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी उससे पीजी करना चाहे तो उन्हें तीन वर्ष में 24 अंक का क्रेडिट अंक अर्जित करना होगा। अलग-अलग सूबों में इसी के अनुसार पीजी में प्रवेश के लिए सीट आवंटन किया जाएगा। इस गाइडलाइन को लेकर प्रवेश प्रक्रिया के इस साल प्रभावित होने की भी सम्भावना है।




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