भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के देहरादून स्थित भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान (IIRS) ने डाटा साइंस से जुड़े विषयों में रुचि रखने वाले लोगों के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। पांच दिन का यह कोर्स ‘ओवरव्यू ऑफ जियो-कंप्यूटेशन एंड जियो-वेब सर्विसेज’ 9 से 13 नवंबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रतिभागियों को भौगोलिक आंकड़ों के विश्लेषण, ऑनलाइन मैपिंग और जियो-वेब तकनीक से जुड़ी बुनियादी जानकारी दी जाएगी।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की खास बात यह है कि यह पूरी तरह ऑनलाइन और निशुल्क है। इच्छुक विद्यार्थी, शोधकर्ता और संबंधित क्षेत्रों में काम करने वाले पेशेवर घर बैठे इसमें शामिल हो सकते हैं। IIRS के आधिकारिक कोर्स कैलेंडर के अनुसार, इसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि 8 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है।
जियो-कंप्यूटेशन और जियो-वेब सर्विसेज को समझने का मौका
जियो-कंप्यूटेशन में भौगोलिक जानकारी और स्थान से जुड़े आंकड़ों का विश्लेषण करने के लिए कंप्यूटर आधारित तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है। वहीं, जियो-वेब सर्विसेज के माध्यम से नक्शों और भौगोलिक आंकड़ों को इंटरनेट पर उपलब्ध कराया जाता है, ताकि उनका उपयोग अलग-अलग कामों में किया जा सके।
इन तकनीकों का इस्तेमाल शहरी योजना, पर्यावरण अध्ययन, प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन, आपदा प्रबंधन और कई अन्य क्षेत्रों में होता है। ऐसे में डाटा साइंस, भू-सूचना विज्ञान और रिमोट सेंसिंग में रुचि रखने वाले लोगों के लिए यह कोर्स उपयोगी हो सकता है।
IIRS की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, पांचों दिन लाइव और इंटरैक्टिव सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनकी समय-सारणी भी जारी कर दी गई है। पहले दिन जियो-कंप्यूटेशन, ऑनलाइन जीआईएस और जियो-वेब सर्विसेज का परिचय दिया जाएगा। दूसरे दिन ओपन जियोडाटा रिपॉजिटरी और इसरो की जियो-वेब सेवाओं के बारे में बताया जाएगा।
तीसरे दिन जियो-कंप्यूटेशन के लिए प्रोग्रामिंग की बुनियादी अवधारणाओं के साथ Python और R का परिचय कराया जाएगा। चौथे दिन WebGIS और इसके उपयोग से जुड़े पहलुओं पर चर्चा होगी। अंतिम दिन क्लाउड आधारित भौगोलिक आंकड़ों के विश्लेषण की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया जाएगा।
रोजाना शाम 4 से 5:30 बजे तक होंगे लाइव सत्र
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम ऑनलाइन माध्यम से संचालित होगा। सभी लाइव सत्र भारतीय समयानुसार शाम 4 बजे से 5:30 बजे तक आयोजित किए जाएंगे। प्रतिभागी IIRS के आधिकारिक यूट्यूब चैनल के माध्यम से इन सत्रों में शामिल हो सकेंगे।
हर दिन की विस्तृत समय-सारणी ISRO के लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (LMS) पर उपलब्ध रहेगी। पंजीकरण पूरा होने के बाद प्रतिभागियों को LMS पर लॉगिन करने के लिए यूजरनेम और पासवर्ड दिए जाएंगे। इसके माध्यम से वे रिकॉर्डेड वीडियो सत्र, कोर्स से जुड़े निर्देश, घोषणाएं, उपस्थिति और अन्य गतिविधियों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
किन लोगों के लिए उपयोगी है यह कोर्स?
IIRS के कोर्स ब्रोशर के अनुसार, इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम में स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के विद्यार्थी शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकारों के तकनीकी एवं वैज्ञानिक कर्मचारी, विश्वविद्यालयों के शिक्षक और शोधकर्ता भी इसके लक्षित प्रतिभागियों में शामिल हैं।
जियोस्पेशियल तकनीक, डाटा साइंस, जीआईएस और रिमोट सेंसिंग के क्षेत्र में आगे पढ़ाई या काम करने की योजना बना रहे लोगों को इस कोर्स से संबंधित तकनीकों की शुरुआती समझ मिल सकती है।
क्विज और अन्य गतिविधियों में भाग लेना जरूरी
सिर्फ लाइव सत्र देखना ही इस कोर्स की पूरी प्रक्रिया नहीं है। प्रतिभागियों को ISRO LMS पर उपलब्ध दैनिक क्विज में भी हिस्सा लेना होगा। इसके अलावा चर्चा मंचों पर भागीदारी और कोर्स के अंत में फीडबैक देना भी जरूरी गतिविधियों में शामिल है।
LMS प्रतिभागियों की गतिविधियों को ‘कोर्स डेडिकेशन’ के रूप में दर्ज करेगा। इसमें रिकॉर्डेड वीडियो देखने में बिताया गया समय, दैनिक क्विज में भागीदारी, चर्चा मंचों पर सक्रियता और फीडबैक जमा करने जैसी गतिविधियों को शामिल किया जाएगा।
IIRS के दिशा-निर्देशों के अनुसार, कुल प्रशिक्षण समय का कम से कम 70 प्रतिशत समय कोर्स की गतिविधियों में देने वाले प्रतिभागियों को ‘कोर्स पार्टिसिपेशन सर्टिफिकेट’ दिया जाएगा। यह प्रमाण-पत्र ISRO LMS से सीधे डाउनलोड किया जा सकेगा।
ऐसे करें ऑनलाइन पंजीकरण
इस कोर्स में व्यक्तिगत रूप से आवेदन करने वाले प्रतिभागियों का पंजीकरण स्वतः स्वीकृत किया जाएगा। आवेदन पूरा होने के बाद उन्हें ISRO LMS पर लॉगिन की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके बाद वे प्रशिक्षण सामग्री और कोर्स से जुड़ी गतिविधियों तक पहुंच सकेंगे।
इच्छुक उम्मीदवार IIRS के आधिकारिक पंजीकरण पोर्टल https://isrolms.iirs.gov.in/edusatregistration पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आधिकारिक कोर्स कैलेंडर में आवेदन की अंतिम तिथि 8 नवंबर 2026 को रात 12 बजे (00:00 बजे) दर्ज है। इसलिए किसी तकनीकी परेशानी से बचने के लिए अभ्यर्थियों को 7 नवंबर तक ही पंजीकरण पूरा कर लेना चाहिए।
महत्वपूर्ण जानकारी
- कोर्स का नाम: Overview of Geocomputation and Geo-web Services
- कोर्स आईडी: 195
- विषय: डाटा साइंस
- आयोजक: भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान (IIRS), इसरो
- अवधि: 9 से 13 नवंबर 2026
- लाइव सत्र का समय: शाम 4 बजे से 5:30 बजे तक
- कोर्स शुल्क: पूरी तरह निशुल्क
- आवेदन की अंतिम तिथि: 8 नवंबर 2026 (00:00 बजे)
- पंजीकरण: https://isrolms.iirs.gov.in/edusatregistration
- लाइव सत्र: https://www.youtube.com/@iirsoutreachdehradun
ध्यान दें: IIRS ने स्पष्ट किया है कि उसके ऑनलाइन कोर्स के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता। पंजीकरण या प्रमाण-पत्र के नाम पर किसी व्यक्ति या संस्था को भुगतान न करें।



Add comment