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IIIT दिल्ली ने समर इंटर्नशिप 2026 के लिए आवेदन खोले, टेक और रिसर्च में छात्रों को बड़ा मौका

IITs में 2026 से ‘एक रैंक, कई कैंपस’ मॉडल लागू होने की तैयारी, छात्रों को मिलेगा क्रेडिट ट्रांसफर का विकल्प

IITs में 2026 से ‘एक रैंक, कई कैंपस’ मॉडल लागू होने की तैयारी, छात्रों को मिलेगा क्रेडिट ट्रांसफर का विकल्प

देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में पढ़ने का सपना देखने वाले छात्रों के लिए अहम खबर है। अकादमिक सत्र 2026 से Indian Institutes of Technology (IITs) में पढ़ाई का ढांचा और लचीला होने जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत छात्र अपने मूल आईआईटी के अलावा किसी दूसरे आईआईटी कैंपस में चुने हुए कोर्स या पूरा एक टर्म पढ़ सकेंगे। वहां अर्जित किए गए क्रेडिट उनके होम इंस्टीट्यूट के स्कोरकार्ड में जोड़े जाएंगे।

कोर्स और सिलेबस का मिलान जारी

इस पहल की जानकारी Indian Institute of Technology Madras के निदेशक वी. कामकोटि ने दी है। उनके अनुसार अलग-अलग आईआईटी में चल रहे कोर्स और सिलेबस का मिलान किया जा रहा है, ताकि क्रेडिट ट्रांसफर में कोई तकनीकी बाधा न आए। प्रक्रिया पूरी होने के बाद आईआईटी मद्रास का छात्र दूसरे आईआईटी में एक टर्म पढ़ सकेगा।

इसी तरह Indian Institute of Technology Kanpur, Indian Institute of Technology Delhi या Indian Institute of Technology Indore के छात्र भी आईआईटी मद्रास या अन्य कैंपस में जाकर पढ़ाई कर सकेंगे। वहां हासिल किए गए अकादमिक क्रेडिट उनके मूल संस्थान में मान्य होंगे।

छात्रों को मिलेगा ज्यादा लचीलापन

नई व्यवस्था का मकसद छात्रों को सीमित विकल्पों से बाहर निकालना है। अभी तक छात्र जिस आईआईटी और जिस शाखा में दाखिला लेते हैं, अधिकतर पढ़ाई उसी कैंपस तक सीमित रहती है। प्रस्तावित मॉडल से उन्हें अलग-अलग कैंपस का अनुभव मिलेगा और वे अपनी रुचि के अनुसार विषय चुन सकेंगे।

यह व्यवस्था दुनिया के कई विश्वविद्यालयों में चल रहे एक्सचेंज प्रोग्राम की तरह काम करेगी, जहां छात्र एक संस्थान में दाखिला लेकर दूसरे संस्थान में भी पढ़ाई का अनुभव लेते हैं।

इंटरडिसिप्लिनरी लर्निंग को बढ़ावा

आईआईटी लंबे समय से बहुविषयक शिक्षा पर जोर दे रहे हैं। एक कैंपस में उपलब्ध न होने वाला विशेष कोर्स अब दूसरे कैंपस में पढ़ा जा सकेगा। इससे छात्रों को नई तकनीकों, अलग-अलग फैकल्टी और विविध शोध वातावरण का लाभ मिलेगा।

फिलहाल इस नियम को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया जारी है। औपचारिक मंजूरी के बाद इसे लागू किया जाएगा। अगर योजना तय समय पर लागू होती है तो 2026 से आईआईटी छात्रों के लिए “एक रैंक, कई कैंपस” की अवधारणा हकीकत बन सकती है।

यह कदम उच्च तकनीकी शिक्षा में लचीलापन और सहयोग की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। आने वाले समय में इससे छात्रों को अधिक विकल्प और बेहतर शैक्षणिक अनुभव मिलने की उम्मीद है।

Asmita Sarkar

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