
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली अब अपनी विकसित तकनीकों को दुनिया के बड़े बाजारों तक पहुंचाने की रणनीति पर काम कर रहा है। संस्थान ने विदेशी पेटेंट फाइलिंग और अंतरराष्ट्रीय व्यावसायीकरण को गति देने के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) जारी किया है। यह कदम न केवल शोध और नवाचार को वैश्विक पहचान दिलाएगा, बल्कि भारतीय तकनीक के लिए नए बाजार भी खोलेगा।
आईआईटी दिल्ली के फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी ट्रांसफर (FITT) ने यह पहल शुरू की है। FITT ने दुनिया भर की उन कंपनियों, उद्योग समूहों और लाइसेंसिंग पार्टनर्स को आमंत्रित किया है, जिन्हें वैश्विक बौद्धिक संपदा प्रबंधन, तकनीकी मार्केटिंग और अंतरराष्ट्रीय लाइसेंसिंग का अनुभव है। उद्देश्य यह है कि एक ऐसा मजबूत नेटवर्क तैयार हो जो भारतीय तकनीक को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यावसायिक सफलता दिला सके।
इस प्रक्रिया के तहत चुने गए साझेदार IIT दिल्ली की उन तकनीकों की पहचान करेंगे जिनमें वैश्विक बाजार में बड़े स्तर पर इस्तेमाल या व्यावसायिक विस्तार की संभावनाएं हैं। ये पार्टनर विदेशी पेटेंट दायर करने से लेकर तकनीक की लाइसेंसिंग, मार्केटिंग और प्रमोशन तक में सहयोग करेंगे। लागत और संभावित राजस्व के लिए संस्थान रिस्क-शेयरिंग मॉडल अपनाने की योजना में है, ताकि दोनों पक्ष बराबर की भागीदारी निभा सकें।
संस्थान ने इच्छुक संगठनों से उनके अनुभव, कार्यक्षेत्र, संभावित सहयोग मॉडल और उन तकनीकी क्षेत्रों की जानकारी मांगी है जिनमें वे विशेषज्ञता रखते हैं। सभी प्राप्त प्रस्तावों की समीक्षा के बाद IIT दिल्ली योग्य कंपनियों को आगे की प्रक्रिया, यानी रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP), के लिए आमंत्रित करेगा।
यह पहल भारतीय तकनीकी नवाचारों को एक बड़े वैश्विक मंच पर ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। संस्थान का लक्ष्य है कि देश में विकसित तकनीक अब अंतरराष्ट्रीय उद्योगों और बाजारों में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराए।




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