
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री N. Chandrababu Naidu ने अमरावती में दो क्वांटम कंप्यूटिंग टेस्ट बेड लॉन्च करने की घोषणा की। World Quantum Day के मौके पर किए गए इस ऐलान को उन्होंने ऐतिहासिक कदम बताया और कहा कि इससे राज्य अगली पीढ़ी की कंप्यूटिंग तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
ये दोनों सुविधाएं SRM University Amaravati और Medha Towers में स्थापित की गई हैं और ये महत्वाकांक्षी “अमरावती क्वांटम वैली” प्रोजेक्ट का हिस्सा हैं। इन टेस्ट बेड का उद्देश्य क्वांटम हार्डवेयर के परीक्षण और सत्यापन को बढ़ावा देना है, जो फिलहाल भारत में सीमित स्तर पर ही उपलब्ध है। मुख्यमंत्री के अनुसार, नए 1S और 1Q सिस्टम क्वांटम डिवाइस की टेस्टिंग, बेंचमार्किंग और सर्टिफिकेशन में अहम भूमिका निभाएंगे।
नायडू ने कहा कि यह गर्व की बात है कि तेलुगु भूमि, जिसने आईटी सेक्टर में अपनी पहचान बनाई है, अब क्वांटम टेक्नोलॉजी का हब बनने की ओर बढ़ रही है।
इन दोनों टेस्ट बेड की कार्यप्रणाली अलग-अलग है। 1Q सिस्टम, जिसे QBit Force ने विकसित किया है और जो मेधा टावर्स में स्थित है, मुख्य रूप से क्वांटम कंपोनेंट्स की टेस्टिंग और मापन के लिए तैयार किया गया है। वहीं, SRM यूनिवर्सिटी में स्थापित 1S सिस्टम सुपरकंडक्टिंग तकनीक पर आधारित है और यह लगभग -273 डिग्री सेल्सियस जैसे बेहद कम तापमान पर काम करता है, जो क्वांटम स्टेट को बनाए रखने के लिए जरूरी होता है। दोनों सिस्टम मॉड्यूलर डिजाइन पर आधारित हैं, जिससे उनमें बदलाव और अपग्रेड करना आसान होता है और लगातार रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा मिलता है।
इस पहल की एक खास बात इसका ओपन-एक्सेस मॉडल है। आमतौर पर क्वांटम लैब्स सीमित पहुंच में होती हैं, लेकिन यहां SRM University Amaravati में यह सुविधा शोधकर्ताओं, छात्रों, स्टार्टअप्स और इंडस्ट्री के लिए उपलब्ध होगी। इससे सहयोग को बढ़ावा मिलेगा और देश में स्वदेशी क्वांटम तकनीकों के विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
इस प्रोजेक्ट में देश के प्रमुख संस्थानों का भी योगदान रहा है। आंध्र प्रदेश स्टेट क्वांटम मिशन के निदेशक सी.वी. श्रीधर के मुताबिक, इन सिस्टम्स में कई कंपोनेंट्स भारत में ही विकसित किए गए हैं, जिनमें Tata Institute of Fundamental Research, Indian Institute of Science और Defence Research and Development Organisation जैसे संस्थानों की भागीदारी शामिल है।
राज्य सरकार का लक्ष्य “अमरावती क्वांटम वैली” को एक ऐसे इकोसिस्टम के रूप में विकसित करना है, जहां रिसर्च, स्टार्टअप्स और इंडस्ट्री मिलकर काम करें। शुरुआती स्तर पर क्वांटम इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश करके आंध्र प्रदेश खुद को उन्नत तकनीक के राष्ट्रीय केंद्र के रूप में स्थापित करना चाहता है, जो भविष्य में भारत की कंप्यूटिंग दिशा को भी प्रभावित कर सकता है।




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