
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित Dr. A.P.J. Abdul Kalam Technical University में बीटेक छठे सेमेस्टर की परीक्षा के दौरान पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। विश्वविद्यालय ने कंप्यूटर साइंस ब्रांच के ‘कंप्यूटर नेटवर्क’ विषय की परीक्षा रद्द कर दी है। अब यह परीक्षा 5 जून 2026 को दोबारा आयोजित की जाएगी।
इस घटना के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता बढ़ गई है। यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए यह फैसला लिया गया है।
135 परीक्षा केंद्रों पर चल रही थी परीक्षा
AKTU की सेमेस्टर परीक्षाएं प्रदेश के करीब 135 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जा रही थीं। इसी दौरान 21 मई को आयोजित ‘कंप्यूटर नेटवर्क’ परीक्षा का प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से लगभग 25 से 30 मिनट पहले सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप-टेलीग्राम ग्रुप्स पर वायरल होने की खबर सामने आई।
प्रारंभिक जांच में पता चला कि नोएडा के एक परीक्षा केंद्र की लॉगिन आईडी और पासवर्ड का गलत इस्तेमाल कर प्रश्नपत्र तक पहुंच बनाई गई। इसके बाद यूनिवर्सिटी ने तुरंत मामले को गंभीरता से लेते हुए परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया।
जांच के दौरान ऐसे खुला मामला
पेपर लीक का मामला उस समय सामने आया जब गाजियाबाद के एक परीक्षा केंद्र पर जांच के दौरान एक छात्र के पास ऐसी पर्चियां मिलीं, जिनमें वही सवाल और उनके जवाब लिखे थे जो असली प्रश्नपत्र में आए थे।
इस जानकारी के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने तुरंत जांच शुरू की। अधिकारियों ने संबंधित परीक्षा केंद्रों से तकनीकी और सुरक्षा से जुड़ी जानकारी भी मांगी है।
चार सदस्यीय जांच समिति गठित
मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय ने चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। साथ ही साइबर सेल और पुलिस में भी शिकायत दर्ज कराई गई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि प्रश्नपत्र आखिर किस स्तर पर और किस तरीके से लीक हुआ।
यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि दोषियों की पहचान होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
परीक्षा प्रणाली को और सुरक्षित बनाने की तैयारी
पेपर लीक की घटना के बाद AKTU अब अपनी परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रहा है। सभी परीक्षा केंद्रों को हर दिन पासवर्ड रीसेट करने और लॉगिन डिटेल्स पूरी तरह सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा डिजिटल सुरक्षा बढ़ाने और प्रश्नपत्र वितरण प्रक्रिया की निगरानी को और कड़ा करने की भी तैयारी की जा रही है।
छात्रों में नाराजगी और चिंता
इस घटना के बाद छात्रों के बीच नाराजगी और चिंता का माहौल है। कई छात्रों का कहना है कि पेपर लीक होने से परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित हुई है और मेहनत करने वाले विद्यार्थियों को नुकसान पहुंचा है।
छात्रों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।




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