
देश में बढ़ते साइबर खतरों और डिजिटल सेवाओं के तेजी से विस्तार को देखते हुए IIT Madras और IIT Kanpur ने मिलकर एक नई पहल की है। दोनों संस्थानों ने भारत का पहला प्रैक्टिस-ओरिएंटेड बैचलर ऑफ साइबर सिक्योरिटी (BCyber) कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है। यह चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम जुलाई 2026 से शुरू होगा।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसे साइबर सुरक्षा पेशेवर तैयार करना है, जो केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि वास्तविक परिस्थितियों में भी साइबर सुरक्षा चुनौतियों का समाधान करने में सक्षम हों। देश में बैंकिंग, सरकारी सेवाओं, रक्षा, स्वास्थ्य और निजी क्षेत्र में साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की बढ़ती जरूरत को देखते हुए इस कोर्स को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
IIT Madras ने दी आधिकारिक जानकारी
IIT Madras ने इस नए कार्यक्रम की जानकारी अपने आधिकारिक X (पूर्व में Twitter) अकाउंट के माध्यम से साझा की। संस्थान के अनुसार, यह भारत का पहला ऐसा स्नातक कार्यक्रम है जिसमें साइबर सिक्योरिटी की पढ़ाई को पूरी तरह व्यावहारिक अनुभव से जोड़ा गया है।
कोर्स का मुख्य फोकस छात्रों को इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुसार तैयार करना है, ताकि पढ़ाई पूरी करने के बाद वे सीधे पेशेवर जिम्मेदारियां संभाल सकें।
कैसे होगा एडमिशन?
पहले बैच के लिए प्रवेश प्रक्रिया IIT Madras और IIT Kanpur संयुक्त रूप से संचालित करेंगे। चयनित छात्रों को अपनी पसंद के किसी एक संस्थान में रहकर पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम की शुरुआत शैक्षणिक सत्र 2026-27 से होगी। विस्तृत प्रवेश प्रक्रिया, पात्रता और आवेदन संबंधी जानकारी दोनों संस्थानों की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी।
दो साल का फील्ड डिप्लॉयमेंट बनेगा सबसे बड़ा आकर्षण
इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता इसका दो वर्ष का फील्ड डिप्लॉयमेंट है। छात्रों को केवल कक्षा में पढ़ाई नहीं करनी होगी, बल्कि वास्तविक परियोजनाओं (Real-world Projects) पर काम करने का अवसर भी मिलेगा।
फील्ड डिप्लॉयमेंट के दौरान छात्र उद्योग और संस्थानों के साथ मिलकर साइबर सुरक्षा से जुड़ी वास्तविक समस्याओं का समाधान करेंगे। इससे उन्हें व्यावहारिक अनुभव मिलेगा और नौकरी के लिए बेहतर तैयारी हो सकेगी।
इन महत्वपूर्ण विषयों की होगी पढ़ाई
BCyber कार्यक्रम में साइबर सुरक्षा के कई आधुनिक और मांग वाले क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इनमें प्रमुख रूप से:
- एथिकल हैकिंग (Ethical Hacking)
- पेनिट्रेशन टेस्टिंग (Penetration Testing)
- क्लाउड सिक्योरिटी (Cloud Security)
- डिजिटल फॉरेंसिक (Digital Forensics)
- क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर सिक्योरिटी (Critical Infrastructure Security)
इन विषयों के माध्यम से छात्रों को साइबर हमलों की पहचान, सुरक्षा प्रणाली विकसित करने और डिजिटल नेटवर्क की सुरक्षा से जुड़ी तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
क्यों बढ़ रही है साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की मांग?
भारत में डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन बैंकिंग, ई-गवर्नेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर सुरक्षा की आवश्यकता भी लगातार बढ़ रही है।
IIT Madras के निदेशक प्रोफेसर वी. कामकोटि ने कहा कि भारत का डिजिटल इकोसिस्टम तेजी से विस्तार कर रहा है। ऐसे में विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षित साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की मांग लगातार बढ़ रही है। नया BCyber कार्यक्रम इसी आवश्यकता को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
छात्रों के लिए क्यों खास है यह कोर्स?
अब तक साइबर सिक्योरिटी की पढ़ाई मुख्य रूप से इंजीनियरिंग या पोस्टग्रेजुएट स्तर पर उपलब्ध थी। BCyber कार्यक्रम के माध्यम से छात्र 12वीं के बाद ही इस क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल कर सकेंगे।
व्यावहारिक प्रशिक्षण, उद्योग से जुड़ाव और वास्तविक परियोजनाओं पर काम करने का अवसर इस कोर्स को अन्य पारंपरिक तकनीकी पाठ्यक्रमों से अलग बनाता है। इससे छात्रों को साइबर सुरक्षा, डिजिटल फॉरेंसिक, क्लाउड सुरक्षा और नेटवर्क प्रोटेक्शन जैसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में बेहतर करियर अवसर मिलने की संभावना है।
भारत में डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार के साथ साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की भूमिका और महत्वपूर्ण होती जा रही है। ऐसे में IIT Madras और IIT Kanpur का यह संयुक्त कार्यक्रम भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक अहम कदम माना जा रहा है।




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