
JEE Advanced 2027: IIT में दाखिले का सपना देख रहे छात्रों ने JEE Advanced में मौजूदा दो प्रयासों की सीमा बढ़ाकर तीन करने की मांग तेज कर दी है। 12 हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों ने शिक्षा मंत्रालय, IIT काउंसिल और Joint Admission Board (JAB) के सामने यह मांग रखी है। छात्रों का कहना है कि उन्हें या तो तीन बार JEE Advanced देने का मौका मिलना चाहिए या फिर मौजूदा दो प्रयासों को लगातार तीन वर्षों के भीतर इस्तेमाल करने की अनुमति दी जानी चाहिए।
फिलहाल JEE Advanced के नियमों के तहत कोई उम्मीदवार अधिकतम दो बार परीक्षा दे सकता है और ये दोनों प्रयास लगातार दो वर्षों में होने चाहिए। पहला प्रयास उस साल किया जाता है, जिसमें छात्र पहली बार कक्षा 12 या इसके बराबर की परीक्षा में शामिल होता है, जबकि दूसरा प्रयास अगले साल होता है। JEE Advanced 2026 के आधिकारिक सूचना बुलेटिन में भी अधिकतम दो प्रयासों का यही नियम दर्ज है।
छात्रों की मांग क्यों बढ़ी?
JEE Advanced को IIT में दाखिले के लिए सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाओं में माना जाता है। परीक्षा में बैठने के लिए पहले JEE Main में पात्रता हासिल करनी होती है। मौजूदा व्यवस्था में JEE Main के प्रदर्शन के आधार पर शीर्ष 2.5 लाख उम्मीदवारों तक को JEE Advanced के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाता है, निर्धारित अन्य पात्रता शर्तों के अधीन।
छात्रों का कहना है कि JEE Main और JEE Advanced एक ही प्रवेश प्रक्रिया का हिस्सा हैं, लेकिन दोनों परीक्षाओं में प्रयासों के नियम अलग हैं। JEE Main 2026 के लिए NTA के नियमों के अनुसार कक्षा 12 के पात्रता-वर्ष के आधार पर उम्मीदवार तीन लगातार वर्षों तक परीक्षा दे सकते हैं। JEE Main साल में दो सत्रों में आयोजित होता है, इसलिए पात्र उम्मीदवारों को इन वर्षों में कई मौके मिलते हैं।
यही अंतर अब छात्रों के तर्क का मुख्य आधार बना हुआ है। उनका कहना है कि जब JEE Main में उम्मीदवारों को अपने प्रदर्शन में सुधार का मौका मिलता है, तो IIT में अंतिम प्रवेश के लिए होने वाली JEE Advanced में भी पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए।
छात्रों ने क्या कहा?
तीसरे प्रयास की मांग कर रहे छात्रों का कहना है कि JEE Advanced में केवल किताबी जानकारी नहीं, बल्कि सवाल को समझने, तर्क लगाने और समस्या हल करने की क्षमता भी परखी जाती है। ऐसे में लगातार तैयारी के बावजूद किसी एक दिन का खराब प्रदर्शन छात्र की वास्तविक क्षमता को पूरी तरह सामने नहीं ला सकता।
छात्रों का तर्क है कि परीक्षा के दिन स्वास्थ्य खराब होना, तनाव, घबराहट या किसी छोटी गलती का असर पूरे परिणाम पर पड़ सकता है। उनके मुताबिक, दो प्रयासों की सख्त सीमा के कारण कुछ उम्मीदवारों को अपनी क्षमता साबित करने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाता।
याचिका में छात्रों ने यह भी कहा है कि सभी उम्मीदवारों को JEE की तैयारी के लिए समान संसाधन और मार्गदर्शन नहीं मिलता। कुछ छात्रों को 11वीं कक्षा से ही बेहतर कोचिंग और व्यवस्थित तैयारी मिल जाती है, जबकि ग्रामीण इलाकों या सीमित संसाधनों वाले परिवारों से आने वाले कई छात्र 12वीं के बाद गंभीर तैयारी शुरू करते हैं।
छात्रों का मानना है कि तीसरा मौका ऐसे अंतर को कुछ हद तक कम कर सकता है और उम्मीदवारों को अपनी तैयारी के आधार पर बेहतर प्रदर्शन करने का अवसर दे सकता है।
क्या तीसरा प्रयास प्रतियोगिता बढ़ा देगा?
तीसरे प्रयास के विरोध में यह तर्क दिया जा सकता है कि ज्यादा प्रयासों से JEE Advanced में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और नए उम्मीदवारों के लिए सीट हासिल करना मुश्किल हो सकता है। लेकिन आंदोलन कर रहे छात्रों का कहना है कि JEE Advanced में शामिल होने वाले उम्मीदवार पहले ही JEE Main के जरिए एक चयन प्रक्रिया से गुजरते हैं।
उनका कहना है कि तीसरा प्रयास शुरू करने से IIT की सीटों की संख्या अपने आप नहीं बढ़ेगी और न ही परीक्षा का स्तर बदलना जरूरी है। उनका दावा है कि अतिरिक्त मौका सिर्फ उम्मीदवारों को अपनी क्षमता दिखाने का एक और अवसर देगा।
हालांकि, अंतिम फैसला छात्रों की मांग पर नहीं, बल्कि संबंधित संस्थानों और JAB द्वारा नियमों की समीक्षा के बाद ही लिया जा सकता है। फिलहाल JEE Advanced के आधिकारिक नियमों में तीन प्रयास की व्यवस्था नहीं है।
COVID के दौरान बदले थे नियम
छात्रों ने अपनी मांग के समर्थन में COVID-19 महामारी के दौरान दी गई विशेष छूट का भी हवाला दिया है। महामारी के कारण JEE Advanced की तैयारी और परीक्षा प्रक्रिया प्रभावित हुई थी। इसके बाद JAB ने कुछ उम्मीदवारों के लिए एक बार की विशेष राहत के तहत अतिरिक्त अवसर की व्यवस्था की थी।
विशेष रूप से 2020 में पहली बार कक्षा 12 की परीक्षा देने वाले कुछ उम्मीदवारों को JEE Advanced 2022 में तीसरा मौका दिया गया था। यह सामान्य नियम में स्थायी बदलाव नहीं था, बल्कि COVID-19 से पैदा हुई असाधारण परिस्थितियों को देखते हुए एक बार की व्यवस्था थी।
छात्रों का कहना है कि महामारी के दौरान सिस्टम ने परिस्थितियों के अनुसार नियमों में बदलाव किया था। इसलिए अब भी छात्रों की मानसिक स्थिति, तैयारी में असमानता और परीक्षा के भारी दबाव को देखते हुए प्रयासों की संख्या पर फिर से विचार किया जाना चाहिए।
एक परीक्षा से तय हो सकती है पूरी क्षमता?
JEE Advanced देश की सबसे कठिन प्रवेश परीक्षाओं में शामिल है। इसमें सफलता के लिए लंबे समय तक तैयारी, विषयों की मजबूत समझ और परीक्षा के दौरान दबाव संभालने की क्षमता जरूरी होती है।
तीन प्रयास की मांग कर रहे छात्रों का कहना है कि किसी उम्मीदवार की पूरी क्षमता का आकलन सिर्फ दो मौकों से करना उचित नहीं है। उनके मुताबिक, एक अतिरिक्त मौका उन छात्रों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है जो पहले प्रयास में तैयारी की कमी, परीक्षा के दबाव या व्यक्तिगत परिस्थितियों के कारण अपना बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाए।
दूसरी ओर, JEE Advanced में प्रयासों की सीमा बनाए रखने के पीछे परीक्षा व्यवस्था, आयु और पात्रता नियमों के साथ-साथ हर साल नए उम्मीदवारों को अवसर देने का सवाल भी जुड़ा है। इसलिए तीन प्रयास की मांग पर फैसला लेते समय इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखना होगा।
अभी क्या है नियम?
सितंबर 2026 तक JEE Advanced के आधिकारिक नियमों में किसी उम्मीदवार को अधिकतम दो बार और लगातार दो वर्षों में परीक्षा देने की अनुमति है। JEE Advanced 2026 के लिए पहली बार कक्षा 12 की परीक्षा 2025 या 2026 में देने वाले उम्मीदवार पात्रता की इस शर्त के दायरे में थे, अन्य निर्धारित शर्तों के साथ।
वहीं, JEE Main 2026 के लिए NTA ने कक्षा 12 की परीक्षा 2024, 2025 में पास करने वाले या 2026 में परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों को पात्र माना था। JEE Main 2026 जनवरी और अप्रैल, दो सत्रों में आयोजित हुआ।
इसलिए छात्रों की मौजूदा मांग केवल “एक और परीक्षा” की नहीं है, बल्कि JEE Advanced की पूरी प्रयास नीति पर दोबारा विचार करने की मांग है। अब देखना होगा कि शिक्षा मंत्रालय, IIT Council और JAB इस मांग पर क्या फैसला लेते हैं और क्या JEE Advanced 2027 के नियमों में कोई बदलाव किया जाता है।




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