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केरल में अब मलयालम भाषा में भी दे सकेंगे LLB प्रवेश परीक्षा, सरकार ने दी मंजूरी

केरल में कानून की पढ़ाई के लिए प्रवेश लेने वाले छात्रों को अगले शैक्षणिक सत्र से LLB प्रवेश परीक्षा मलयालम भाषा में भी देने का मौका मिलेगा। राज्य सरकार ने मलयालम और अंग्रेजी में द्विभाषी प्रश्नपत्र तैयार करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

केरल सरकार के इस फैसले का उद्देश्य मलयालम भाषा में सहज महसूस करने वाले छात्रों के लिए कानून की प्रवेश परीक्षा को आसान और अधिक सुलभ बनाना है। यह निर्णय छात्रों की मांग और मलयालम भाषा में प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के लिए काम करने वाले राज्य के संगठन मलयालम ऐक्य वेदी की ओर से दिए गए ज्ञापन के बाद लिया गया है।

सरकारी बयान के अनुसार, यह पहल राज्य की मातृभाषा नीति के अनुरूप की जा रही है। उच्च शिक्षा मंत्री रोजी एम. जॉन ने इस दिशा में आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने कहा कि मलयालम और अंग्रेजी में प्रश्नपत्र उपलब्ध होने से छात्रों को अपनी पसंद की भाषा में परीक्षा देने का अवसर मिलेगा। इससे परीक्षा की गुणवत्ता से समझौता किए बिना उसे छात्रों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाया जा सकेगा।

मलयालम में प्रश्नपत्र तैयार करने के लिए विशेषज्ञों की मदद

मलयालम में प्रश्नपत्र तैयार करते समय कानूनी शब्दों और सवालों के सही अर्थ को बनाए रखना सरकार के लिए अहम होगा। अनुवाद में किसी तरह की गलती से बचने और परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए कानूनी विशेषज्ञों का एक पैनल बनाने पर विचार किया जा रहा है।

इसके साथ ही, मलयालम में प्रश्नपत्र तैयार करने से जुड़ी तकनीकी चुनौतियों को दूर करने के लिए आधुनिक सॉफ्टवेयर प्रणालियों की मदद लेने पर भी विचार किया जा रहा है।

अनुवाद में अंतर होने पर अंग्रेजी का प्रश्न होगा अंतिम

प्रवेश परीक्षा की विवरण पुस्तिका (प्रॉस्पेक्टस) में यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि यदि मलयालम में किसी प्रश्न के अनुवाद और अंग्रेजी संस्करण के बीच अंतर या अस्पष्टता होती है, तो अंग्रेजी संस्करण को ही अंतिम माना जाएगा।

इस व्यवस्था का उद्देश्य प्रश्नों के अर्थ को लेकर किसी भी तरह के भ्रम से बचना और परीक्षा प्रक्रिया में स्पष्टता बनाए रखना है।

कानून की पढ़ाई में भाषा की बाधा होगी कम

केरल सरकार के इस फैसले से उन छात्रों को मदद मिलने की उम्मीद है, जो मलयालम में बेहतर तरीके से सवाल समझते हैं और उसी भाषा में अपनी बात व्यक्त करने में सहज हैं। अंग्रेजी में प्रश्न समझने में परेशानी का सामना करने वाले छात्रों के लिए भी यह पहल उपयोगी हो सकती है।

मलयालम में LLB प्रवेश परीक्षा देने का विकल्प मिलने से कानून की पढ़ाई में भाषा से जुड़ी बाधाएं कम करने में मदद मिल सकती है। यह कदम राज्य में कानूनी शिक्षा तक अधिक छात्रों की पहुंच बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

हालांकि, यह सुविधा अगले शैक्षणिक सत्र से लागू होने की योजना के तहत घोषित की गई है। छात्रों को परीक्षा के भाषा विकल्प, आवेदन प्रक्रिया और अन्य शर्तों की जानकारी के लिए संबंधित प्रवेश परीक्षा की आधिकारिक विवरण पुस्तिका देखनी चाहिए।

Raish Ahmed

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