
राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी को ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी (O.P. Jindal Global University) के जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल (JGLS) में डिस्टिंग्विश्ड प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस (Distinguished Professor of Practice) नियुक्त किया गया है।
नई भूमिका में प्रियंका चतुर्वेदी छात्रों को पब्लिक पॉलिसी (लोक नीति), गवर्नेंस (सुशासन), विधायी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े विषय पढ़ाएंगी। इस नियुक्ति का उद्देश्य छात्रों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रखते हुए, नीति निर्माण और संसदीय कार्यप्रणाली से जुड़े वास्तविक अनुभवों से भी परिचित कराना है।
विश्वविद्यालय के अनुसार, प्रियंका चतुर्वेदी छात्रों के साथ व्याख्यान, कक्षा चर्चाओं और शैक्षणिक संवाद के माध्यम से समकालीन सार्वजनिक नीति और सुशासन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत करेंगी। इससे छात्रों को यह समझने का अवसर मिलेगा कि नीतियां कैसे बनती हैं और उन्हें व्यवहार में कैसे लागू किया जाता है।
प्रियंका चतुर्वेदी वर्तमान में राज्यसभा की सदस्य हैं और संसदीय समितियों तथा सार्वजनिक नीति से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर सक्रिय भूमिका निभा चुकी हैं। विश्वविद्यालय का मानना है कि उनका विधायी कार्य, शासन व्यवस्था और राजनीतिक संचार का अनुभव छात्रों की व्यावहारिक समझ को मजबूत करेगा।
जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल पिछले कुछ वर्षों से प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस मॉडल के तहत सरकार, उद्योग और विधि क्षेत्र से जुड़े अनुभवी पेशेवरों को अपने शैक्षणिक कार्यक्रमों से जोड़ रहा है। इसका उद्देश्य कक्षा में पढ़ाए जाने वाले विषयों को वास्तविक कार्य अनुभवों के साथ जोड़कर छात्रों को अधिक व्यावहारिक शिक्षा प्रदान करना है।
यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब देश के उच्च शिक्षण संस्थान अनुभव आधारित शिक्षा (Experiential Learning) को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दे रहे हैं। इसी दिशा में विश्वविद्यालय नीति-निर्माताओं, कानूनी विशेषज्ञों और उद्योग जगत के अनुभवी पेशेवरों को शिक्षण और पाठ्यक्रम का हिस्सा बना रहे हैं, ताकि छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ वास्तविक दुनिया की कार्यप्रणाली को भी समझने का अवसर मिल सके।




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