
भारतीय प्रबंधन संस्थान लखनऊ (IIM Lucknow) और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान (NIDM), नई दिल्ली ने आपदा जोखिम में कमी, आपदा वित्तपोषण, आपदा-रोधी बुनियादी ढांचे, क्षमता निर्माण, शोध और शैक्षणिक विकास के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस समझौते पर आईआईएम लखनऊ के नोएडा परिसर के डीन प्रो. सत्यभूषण दाश और एनआईडीएम के संयुक्त निदेशक कर्नल विनीत बंगा ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में आईआईएम लखनऊ के प्रो. आशुतोष कुमार सिन्हा और एनआईडीएम के कार्यकारी निदेशक मधुप व्यास (आईएएस) भी शामिल हुए।
दोनों संस्थानों के अनुसार, इस साझेदारी का उद्देश्य आपदा प्रबंधन, सार्वजनिक नीति, वित्त, नेतृत्व और शोध के क्षेत्र की विशेषज्ञता को एक साथ लाना है, ताकि देश में आपदा से पहले की तैयारी और आपदा के बाद बेहतर पुनर्बहाली क्षमता (Resilience) को मजबूत किया जा सके।
कार्यक्रम के दौरान प्रो. सत्यभूषण दाश ने कहा कि यह साझेदारी संयुक्त शोध और ज्ञान साझा करने की पहल को बढ़ावा देगी। इससे वैज्ञानिक तथ्यों और शोध आधारित नीति निर्माण को मजबूती मिलेगी और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में बेहतर निर्णय लेने में मदद मिलेगी।
समझौते के तहत दोनों संस्थान सरकारी अधिकारियों, नीति निर्माताओं, आपदा प्रबंधन से जुड़े पेशेवरों और कॉर्पोरेट क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित करेंगे। इसके अलावा आपदा प्रबंधन, जलवायु अनुकूलन (Climate Resilience) और सतत विकास जैसे विषयों पर संयुक्त सम्मेलन, सेमिनार और शैक्षणिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
इस सहयोग के तहत आपदा जोखिम न्यूनीकरण और इससे जुड़े विषयों में सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, एग्जीक्यूटिव एजुकेशन, स्नातकोत्तर (Postgraduate) और डॉक्टरेट स्तर के नए शैक्षणिक कार्यक्रम विकसित करने की भी योजना है। साथ ही दोनों संस्थानों के शिक्षक, शोधकर्ता और छात्र संयुक्त शोध परियोजनाओं में भाग लेंगे।
यह समझौता आपदा न्यूनीकरण वित्त (Disaster Mitigation Finance) और आपदा-रोधी बुनियादी ढांचे (Resilient Infrastructure) पर आयोजित दो राष्ट्रीय स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों के उद्घाटन सत्र के दौरान किया गया। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में देश के 23 राज्यों से आए सरकारी अधिकारी और आपदा प्रबंधन क्षेत्र के विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।
यह साझेदारी आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 और सेंदाई फ्रेमवर्क फॉर डिजास्टर रिस्क रिडक्शन (2015–2030) के उद्देश्यों के अनुरूप है। इनका लक्ष्य आपदा के प्रति बेहतर तैयारी, जोखिम में कमी और समाज तथा संस्थानों की आपदा से निपटने की क्षमता को मजबूत बनाना है। दोनों संस्थानों का मानना है कि यह सहयोग देश में आपदा प्रबंधन से जुड़े शोध, प्रशिक्षण और नीति निर्माण को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।




Add comment