
अमेरिका के उत्तरी जॉर्जिया में एक हाईस्कूल में बुधवार को हुई ताबड़तोड़ गोलीबारी में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि तीस से अधिक लोग घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना जॉर्जिया के पास विंडर में अपालाची हाई स्कूल में हुई। मारे गए लोगों में दो छात्र और दो शिक्षक थे। संदिग्ध की पहचान स्कूल के छात्र 14 वर्षीय कोल्ट ग्रे के रूप में हुई है। उसे हिरासत में ले लिया गया है। कथित शूटर पर हत्या का आरोप लगाया जाएगा और उसे एक वयस्क की तरह कार्रवाई की जाएगी। पीड़ितों की पहचान सार्वजनिक रूप से नहीं की गई है।
इस बीच घटना के पीड़ितों के प्रति व्हाइट हाउस और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने संवेदना व्यक्त की है इसके साथ ही बाइडन ने रिपब्लिकन से बंदूक हिंसा को रोकने के लिए मदद मांगी है। उन्होंने बंदूक सुरक्षा कानून पारित करने के लिए संसद में डेमोक्रेट के साथ मिलकर काम करने का आह्वान किया है।
बाइडन ने गोलीबारी की घटना को एक और भयावह घटना बताया। उन्होंने कहा कि देश भर में छात्र पढ़ना-लिखना सीखने के बजाय झुकना और छिपना सीख रहे हैं। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि हम इसे सामान्य मानकर नहीं चल सकते। इसे स्वीकार करना जारी नहीं रख सकते। हम संघीय, राज्य और स्थानीय स्तर पर अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहे हैं और उनके आभारी हैं, जिन्होंने संदिग्ध को हिरासत में लिया और कई मासूम जानों को बचा लिया।
उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने भी गोलीबारी की घटना को क्रूर बताते हुए इसकी निंदा की है। उन्होंने हैम्शायर में कहा, यह बेहद भयावह है कि हर दिन माता-पिता को बच्चों को इस चिंता में स्कूल भेजना पड़ता है कि उनका बच्चा जिंदा घर वापस आएगा भी या नहीं।’ वहीं, पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा कि इन पोषित बच्चों को एक बीमार राक्षस ने बहुत जल्दी हमसे छीन लिया।
बता दें कि अमेरिका में पिछले दो दशकों में स्कूलों और कॉलेजों के अंदर सैकड़ों गोलीबारी के मामले देखने को मिले हैं। इनमें सबसे घातक 2007 में वर्जीनिया टेक में हुआ, जिसमें 30 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। इस नरसंहार ने अमेरिकी गन कानूनों और अमेरिकी संविधान के दूसरे संशोधन पर तीखी बहस छेड़ दी थी, जो हथियार रखने और धारण करने के अधिकार को सुनिश्चित करता है।




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