Edinbox Hindi

135 साल पुरानी सेंट्रल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी पर संकट के बादल, 8.5 लाख किताबों का क्या होगा?

दिल्ली के शास्त्री भवन में मौजूद सेंट्रल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी (CSL) इन दिनों अपने भविष्य को लेकर चर्चा में है। करीब 135 साल पुरानी इस लाइब्रेरी को सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत शास्त्री भवन से हटाया जाना है। लाइब्रेरी में करीब 8.5 लाख किताबें और दस्तावेज हैं, जिनमें दुर्लभ पुस्तकें, सरकारी रिकॉर्ड और गजट भी शामिल हैं।

हालांकि, लाइब्रेरी के भविष्य को लेकर सामने आई चिंता के बीच आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) ने 2 अक्टूबर 2026 को स्पष्ट किया है कि सेंट्रल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी के लिए कर्तव्य पथ पुनर्विकास योजना में जगह का प्रावधान किया गया है। मंत्रालय के मुताबिक, नई लाइब्रेरी के निर्माण की आवश्यक प्रक्रिया चल रही है।

इससे पहले 29 सितंबर को सामने आई रिपोर्टों में बताया गया था कि शास्त्री भवन खाली कराया जा रहा है, जबकि लाइब्रेरी के पूरे संग्रह और सुविधाओं के लिए पर्याप्त जगह तय नहीं हो पाई थी। संस्कृति मंत्रालय ने कर्तव्य भवन-2 में दिए गए करीब 300 वर्ग मीटर के दो कमरों को पूरे संग्रह के लिए अपर्याप्त बताया था।

1891 में हुई थी शुरुआत, 1969 से शास्त्री भवन में है लाइब्रेरी

सेंट्रल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी का इतिहास ब्रिटिश काल से जुड़ा है। इसकी शुरुआत 1891 में कोलकाता में इंपीरियल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी के रूप में हुई थी। 1911 में जब ब्रिटिश भारत की राजधानी कोलकाता से दिल्ली लाई गई, तो लाइब्रेरी को भी दिल्ली स्थानांतरित किया गया।

दिल्ली में अलग-अलग स्थानों से गुजरने के बाद यह लाइब्रेरी 1969 में शास्त्री भवन के ‘जी’ विंग में पहुंची और तब से यहीं काम कर रही है। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, करीब 8.5 लाख प्रिंट और गैर-प्रिंट सामग्री के साथ यह नेशनल लाइब्रेरी, कोलकाता के बाद दूसरी सबसे बड़ी केंद्रीय सरकारी लाइब्रेरी है।

चार मंजिलों में फैला है 8.5 लाख से ज्यादा दस्तावेजों का संग्रह

वर्तमान सेंट्रल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी करीब चार मंजिलों और लगभग 5,500 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैली है। इसमें किताबों के अलावा सरकारी प्रकाशन, रिपोर्ट, गजट, दुर्लभ पुस्तकें और भारत तथा विदेशों से जुड़े आधिकारिक दस्तावेज मौजूद हैं।

लाइब्रेरी के दुर्लभ पुस्तकों वाले हिस्से में 1702 में प्रकाशित एक फ्रांसीसी यात्री के लेखों का संकलन सबसे पुरानी पुस्तकों में शामिल है। यह संग्रह केवल सामान्य पढ़ाई के लिए किताबों का भंडार नहीं है, बल्कि भारत के प्रशासनिक और बौद्धिक इतिहास से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों का स्रोत भी है।

संस्कृति मंत्रालय के अनुसार, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों की सूचना संबंधी जरूरतों को पूरा करती है। यह 1984 से भारत सरकार के प्रकाशनों के डिपॉजिटरी के रूप में भी काम कर रही है।

विवाद की शुरुआत कहां से हुई?

लाइब्रेरी को शास्त्री भवन से हटाने की जरूरत तब सामने आई जब सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास के तहत शास्त्री भवन को खाली कराकर आगे की redevelopment प्रक्रिया शुरू की जा रही है। आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने सभी संबंधित मंत्रालयों और विभागों को सितंबर के अंत तक शास्त्री भवन खाली करने के निर्देश दिए थे।

सितंबर में सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, 16 जनवरी 2026 को MoHUA ने संस्कृति मंत्रालय को बताया था कि कर्तव्य भवन-2 के ग्राउंड फ्लोर पर लाइब्रेरी के लिए दो कमरों की जगह मंजूर की गई है। लेकिन 26 फरवरी को संस्कृति मंत्रालय ने जवाब दिया कि यह जगह पूरे संग्रह और जरूरी सुविधाओं के लिए पर्याप्त नहीं है और इस आकार में पूरी लाइब्रेरी को स्थानांतरित करना संभव नहीं होगा।

यही स्थिति लाइब्रेरी की किताबों, दुर्लभ दस्तावेजों और पाठकों के भविष्य को लेकर चिंता का कारण बनी।

अब सरकार ने क्या कहा है?

2 अक्टूबर को MoHUA ने इन चिंताओं के बीच स्पष्टीकरण जारी किया। मंत्रालय ने कहा कि कुछ रिपोर्टों के विपरीत सेंट्रल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी के लिए कर्तव्य पथ पुनर्विकास योजना में जगह का प्रावधान किया गया है। मंत्रालय के अनुसार, लाइब्रेरी के निर्माण की आवश्यक प्रक्रिया चल रही है।

इसका मतलब है कि लाइब्रेरी को स्थायी रूप से बंद करने की योजना की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, फिलहाल मुख्य सवाल यह है कि नई लाइब्रेरी कब तैयार होगी और 8.5 लाख से अधिक पुस्तकों व दस्तावेजों को तब तक किस तरह सुरक्षित रखा और पाठकों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।

छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए क्यों महत्वपूर्ण है CSL?

सेंट्रल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी का इस्तेमाल केवल सरकारी अधिकारियों तक सीमित नहीं है। यहां शोधकर्ता, अकादमिक और सामान्य पाठक भी संसाधनों का इस्तेमाल करते रहे हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए भी सरकारी रिपोर्ट, इतिहास, अर्थव्यवस्था, शासन और विभिन्न विषयों से जुड़ी सामग्री उपयोगी रही है।

लाइब्रेरी का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि इसके संग्रह का एक बड़ा हिस्सा सामान्य बाजार या इंटरनेट पर आसानी से उपलब्ध नहीं है। कई सरकारी रिपोर्ट, पुराने दस्तावेज और दुर्लभ पुस्तकें शोध के लिए विशेष महत्व रखती हैं।

सरकारी दस्तावेजों के डिजिटल रूप में उपलब्ध होने के बावजूद पुरानी पुस्तकों और रिकॉर्ड का भौतिक संरक्षण जरूरी है। खासकर दुर्लभ और ऐतिहासिक सामग्री को केवल सामान्य स्टोरेज में रखने के बजाय उचित संरक्षण, तापमान और नमी नियंत्रण तथा सुरक्षित रिकॉर्ड प्रबंधन की जरूरत होती है।

सिर्फ नई जगह नहीं, सुरक्षित संरक्षण भी बड़ी चुनौती

लाइब्रेरी के लिए नई जगह का प्रावधान होना निश्चित रूप से महत्वपूर्ण है, लेकिन इतने बड़े संग्रह को स्थानांतरित करना केवल कमरों की व्यवस्था करने का काम नहीं है। करीब 8.5 लाख पुस्तकों और दस्तावेजों की सूची, वर्गीकरण, पैकिंग, परिवहन, संरक्षण और दोबारा व्यवस्थित करने के लिए विस्तृत योजना की जरूरत होगी।

लाइब्रेरी के इतिहास से यह भी स्पष्ट है कि इसका संग्रह केवल किताबों तक सीमित नहीं है। इसमें सरकारी रिपोर्ट, गजट, आधिकारिक प्रकाशन और दुर्लभ ऐतिहासिक सामग्री शामिल है। इसलिए नई इमारत में पर्याप्त भंडारण के साथ पढ़ने के कक्ष, शोध सुविधाएं और संरक्षण की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण होगी।

फिलहाल स्थिति क्या है?

फिलहाल उपलब्ध ताजा जानकारी के अनुसार, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी को खत्म करने की बात नहीं है। शास्त्री भवन से इसे स्थानांतरित किया जाना है और सरकार ने कर्तव्य पथ पुनर्विकास योजना में नई लाइब्रेरी के लिए जगह उपलब्ध कराने की बात कही है। निर्माण की प्रक्रिया चल रही है।

इसलिए अब असली सवाल लाइब्रेरी के अस्तित्व का नहीं, बल्कि नई सुविधा कब तैयार होगी, संग्रह को सुरक्षित तरीके से कैसे स्थानांतरित किया जाएगा और इस दौरान छात्रों, शोधकर्ताओं तथा सरकारी अधिकारियों को सेवाएं किस तरह मिलती रहेंगी, इसका है।

135 साल से अधिक पुरानी यह लाइब्रेरी भारत के प्रशासनिक और दस्तावेजी इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में नई जगह केवल किताबें रखने के लिए पर्याप्त हो, इतना ही नहीं, बल्कि दुर्लभ सामग्री के संरक्षण और शोध की जरूरतों को भी पूरा करे—यह आने वाले समय में सबसे महत्वपूर्ण पहलू होगा।

Raish Ahmed

Add comment

Recent posts

Most popular

Most discussed