
ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी ने चांसलर पद के लिए 38 उम्मीदवारों की घोषणा की है, जिसमें पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान का नाम शामिल नहीं है। भारतीय मूल के अंकुर शिव भंडारी, निरपाल सिंह पॉल बंघाल और प्रतीक तरवड़ी इस दौड़ में शामिल हैं।
ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने जेल में बंद पाकिस्तानी नेता का नाम चांसलर पद की रेस में शामिल नहीं किया है। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने चुनाव के लिए योग्य उम्मीदवारों की सूची जारी की है, जिसमें इमरान खान का नाम शामिल नहीं है। इसके पहले पाकिस्तान की जेल से ही इमरान खान ने यूनिवर्सिटी के चांसलर पद के लिए आवेदन किया था। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई नेता इमरान खान के लिए इसे एक झटका माना जा रहा है। इमरान खान के नाम को अयोग्य ठहराए जाने के कारण का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है, लेकिन कई विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान में उनके खिलाफ चल रहे आपराधिक मामलों के कारण उन्हें पद के लिए अयोग्य माना गया होगा।
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की भले ही चांसलर की रेस से छुट्टी हो गई है, लेकिन भारत के लिए अच्छी खबर है। इस बार चांसलर की रेस में तीन भारतीय नाम शामिल हैं। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने नए चांसलर की दौड़ में शामिल 38 आखिरी नामों की घोषणा की है। इसमें बर्कशायल में ब्रैकनेल फॉरेस्ट के पहले भारतीय मूल के मेयर अंकुर शिव भंडारी, अंतरराष्ट्रीय उद्यमिता के प्रोफेसर निरपाल सिंह पॉल बंघाल और मेडिकल प्रोफेशनल प्रतीक तरवडी का नाम शामिल है।
इसके अलावा कंजर्वेटिव पार्टी के पूर्व नेता लॉर्ड विलियम हेग और पूर्व लेबर नेता लॉर्ड पीटर मैंडेलसन चांसलर की रेस में शामिल वरिष्ठ राजनेताओं में शामिल हैं। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कहा कि पहली बार खुले आवेदन आमंत्रित गिए गए थे और चांसलर चुनाव समिति ने नियमों के अनुसार सभी आवेदनों की समीक्षा की।
चांसलर पद के चुनाव के लिए 28 अक्तूबर को पहले दौर की वोटिंग शुरू होगी, जिसमें मतदाता उम्मीदवारों को रैंक कर सकेंगे। 4 नवम्बर से शुरू होने वाले सप्ताह में शीर्ष पांच उम्मीदवार 18 नवम्बर से शुरू होने वाले दूसरे दौर के मतदान में शामिल होंगे। ऑक्सफोर्ड के नए चांसलर की घोषणा 25 नवम्बर को किए जाने की संभावना है।




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