
राजधानी दिल्ली में 10वीं कक्षा के छात्र की आत्महत्या के मामले ने गंभीर मोड़ ले लिया है। राजेंद्र नगर मेट्रो स्टेशन पर 18 नवंबर दोपहर को 15 वर्षीय छात्र शौर्य पाटिल ने प्लेटफॉर्म से छलांग लगाकर जान दे दी थी। शुरुआती जांच में सामने आया कि छात्र लंबे समय से मानसिक प्रताड़ना का शिकार था। अब मामला तूल पकड़ने के बाद स्कूल प्रशासन और दिल्ली सरकार की ओर से बड़े कदम उठाए गए हैं।
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप, पुलिस ने दर्ज किया मामला
मृतक शौर्य के पिता ने आरोप लगाया कि उनके बेटे को प्रिंसिपल व तीन महिला शिक्षिकाओं द्वारा लगातार डांटा और अपमानित किया जाता था। शिकायत में कहा गया कि छोटी-छोटी बातों पर उसे पूरी कक्षा के सामने फटकारा जाता था, जिसके कारण वह गहरे तनाव में था। परिजनों ने दावा किया कि मंगलवार को ड्रामा क्लास में गिरने के बाद एक शिक्षिका ने उसे ‘ओवर एक्टिंग’ कहकर ताना मारा, जिससे वह फूट-फूट कर रोने लगा।
घटना के बाद पुलिस ने धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सभी आरोपी शिक्षिकाओं के बयान लिए जा रहे हैं।
सुसाइड नोट में लिखे चौंकाने वाले आरोप
शौर्य के पास से डेढ़ पन्ने का सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उसने चार शिक्षकों—प्रिंसिपल अपराजिता पाल, युक्ति माझन, मनु कालरा और जूली वर्गीस—पर लम्बे समय से मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। नोट में उसने लिखा कि “बार-बार के टॉर्चर ने उसे भीतर से तोड़ दिया।” उसने अपने माता-पिता से इस कदम के लिए माफी भी मांगी।
प्रिंसिपल व तीन शिक्षिकाएं सस्पेंड
मामला बढ़ते देख स्कूल प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए प्रिंसिपल अपराजिता पाल और तीन शिक्षिकाओं—युक्ति माझन, मनु कालरा और जूली वर्गीस—को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। ये वही नाम हैं जिनका उल्लेख शौर्य ने अपने सुसाइड नोट में किया था।
दिल्ली सरकार ने बनाई हाई-लेवल जांच समिति
दिल्ली सरकार ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए पाँच सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। संयुक्त निदेशक हर्षित जैन को समिति का प्रमुख बनाया गया है।समिति तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपेगी। शिक्षा विभाग ने स्कूल से विस्तृत स्पष्टीकरण भी मांगा है।
स्कूल के बाहर तीव्र विरोध, कैंडल मार्च निकाला
दुर्घटना के दो दिन बाद गुरुवार को बड़ी संख्या में अभिभावक और छात्र स्कूल के बाहर ‘We Want Justice’ लिखे प्लेकार्ड लेकर विरोध प्रदर्शन के लिए जमा हुए। कई अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रशासन के खिलाफ पहले भी शिकायतें की गईं, लेकिन कभी कार्रवाई नहीं हुई।
सांगली में शौर्य का अंतिम संस्कार
शौर्य के परिवार ने उसके पार्थिव शरीर को पैतृक गांव सांगली (महाराष्ट्र) ले जाकर अंतिम संस्कार किया। परिवार कई वर्षों से दिल्ली में रह रहा था। शौर्य दिल्ली के सेंट कोलंबस स्कूल में कक्षा 10 का छात्र था।
मामले की जांच जारी
दिल्ली पुलिस, शिक्षा विभाग और स्कूल प्रशासन तीनों स्तर पर मामले की जांच आगे बढ़ रही है। शुरुआती तथ्य मानसिक उत्पीड़न की ओर इशारा करते हैं, लेकिन पुलिस ने कहा है कि सभी एंगलों से जांच की जाएगी।
यह दर्दनाक घटना स्कूलों में छात्रों की मानसिक सुरक्षा और जवाबदेही के बड़े सवाल खड़े कर रही है।




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