
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) जल्द ही एक बड़े शैक्षणिक बदलाव की ओर बढ़ सकती है। शिक्षा मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, NCERT को “डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी” का दर्जा देने की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और जनवरी 2026 के अंत तक इस पर अंतिम निर्णय आने की संभावना है।
सूत्रों का कहना है कि अब सिर्फ विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की औपचारिक मंजूरी बाकी है। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और UGC की अगली बैठक में इस प्रस्ताव पर फैसला लिया जा सकता है। अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा, तो महीने के अंत तक स्थिति साफ हो जाएगी।
2023 में हुई थी घोषणा
गौरतलब है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने वर्ष 2023 में NCERT को एक रिसर्च यूनिवर्सिटी के रूप में विकसित करने की घोषणा की थी। उनका कहना था कि इससे NCERT को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शैक्षणिक संस्थानों के साथ सहयोग के नए अवसर मिलेंगे और भारत की स्कूली शिक्षा प्रणाली को वैश्विक पहचान मिलेगी।
और व्यापक होगी NCERT की भूमिका
NCERT, शिक्षा मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संस्था है, जो देश में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में अहम भूमिका निभाती रही है। पाठ्यक्रम निर्माण, पाठ्यपुस्तकों का प्रकाशन, शैक्षणिक अनुसंधान और शिक्षकों का प्रशिक्षण इसकी प्रमुख जिम्मेदारियां हैं।
डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा मिलने के बाद NCERT अपने इन-हाउस रिसर्च प्रोग्राम्स को और विस्तार दे सकेगा। यह संस्थान स्कूल शिक्षा और शिक्षक प्रशिक्षण के क्षेत्र में एक पूर्ण विकसित अनुसंधान विश्वविद्यालय के रूप में काम कर सकेगा। सूत्रों के मुताबिक, NCERT को आगे भी स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग से वित्तीय सहायता मिलती रहेगी।
डिग्री देने का अधिकार भी मिलेगा
UGC अधिनियम, 1956 के तहत मान्यता प्राप्त डीम्ड यूनिवर्सिटी संस्थानों को शैक्षणिक स्वायत्तता दी जाती है। वर्तमान में देश में लगभग 145 डीम्ड यूनिवर्सिटीज़ हैं। भारत में सबसे पहले यह दर्जा 1958 में भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) को मिला था, जबकि तमिलनाडु में डीम्ड यूनिवर्सिटीज़ की संख्या सबसे अधिक है।
यदि NCERT को यह दर्जा मिलता है, तो वह स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी स्तर की डिग्रियां प्रदान कर सकेगा। इससे स्कूली शिक्षा, पाठ्यक्रम अध्ययन और शैक्षणिक शोध के क्षेत्र में नए अवसर खुलने की उम्मीद है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि NCERT को डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा मिलना भारत की शिक्षा व्यवस्था के लिए एक अहम कदम साबित हो सकता है, जिससे शोध, नवाचार और शिक्षक प्रशिक्षण को नई दिशा मिलेगी।




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