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उत्तर प्रदेश के शिक्षकों को मिलेगी कैशलेस इलाज की सुविधा, 11.92 लाख से ज्यादा होंगे लाभार्थी

उत्तर प्रदेश के शिक्षकों को मिलेगी कैशलेस इलाज की सुविधा, 11.92 लाख से ज्यादा होंगे लाभार्थी

उत्तर प्रदेश के शिक्षकों को मिलेगी कैशलेस इलाज की सुविधा, 11.92 लाख से ज्यादा होंगे लाभार्थी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक में शिक्षकों के हित में एक अहम फैसला लिया गया। अब प्रदेश के शिक्षक भी राज्य कर्मचारियों की तरह कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ ले सकेंगे। कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिससे करीब 11.92 लाख शिक्षकों और शिक्षा से जुड़े कर्मचारियों को सीधा फायदा होगा।

सरकार इस सुविधा को आयुष्मान व्यवस्था के माध्यम से लागू करेगी। इसके दायरे में शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइया सभी शामिल होंगे। इस योजना के क्रियान्वयन पर राज्य सरकार को लगभग 358.61 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। यह सुविधा पूरी तरह कैशलेस होगी, यानी इलाज के दौरान लाभार्थियों को जेब से पैसे खर्च नहीं करने होंगे।

कैबिनेट बैठक में माध्यमिक शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने को मंजूरी दी गई है। इससे 2 लाख 97 हजार 579 कर्मचारी लाभान्वित होंगे। इस पर सरकार को करीब 89.25 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय भार पड़ेगा। हालांकि, जो कर्मचारी पहले से किसी अन्य सरकारी स्वास्थ्य योजना, जैसे आयुष्मान भारत, के तहत कवर हैं, उन्हें इस नई सुविधा का लाभ नहीं मिलेगा।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते वर्ष 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षकों के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा देने की घोषणा की थी। अब कैबिनेट की मंजूरी के साथ इस घोषणा को औपचारिक रूप से लागू करने का रास्ता साफ हो गया है। बैठक में कुल 32 प्रस्ताव रखे गए थे, जिनमें से 30 को मंजूरी दी गई, जबकि दो प्रस्तावों को फिलहाल रोका गया है।

कैबिनेट बैठक में लिए गए अन्य अहम फैसले

बैठक में शहरी पुनर्विकास नीति 2026 को भी मंजूरी दी गई। इसके तहत नक्शा पास करने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा, ताकि लोग नियमों के तहत निर्माण कर सकें। साथ ही विकास शुल्क के संशोधित दरें लागू की जाएंगी। इसके अलावा बरेली और मुरादाबाद में विज्ञान पार्क और नक्षत्रशाला की स्थापना को भी हरी झंडी दी गई है, जिससे छात्रों और आम लोगों में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा मिलेगा।

आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को मंजूरी

कैबिनेट ने आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास से जुड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इसके तहत प्रभावित परिवारों को सरकारी आवास और भूमि का पट्टा दिया जाएगा। बहराइच जिले के राजस्व ग्राम परतापुर सहित अन्य गांवों में आपदा से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के निर्देश पहले ही मुख्यमंत्री ने दिए थे। एक दुर्घटना में नदी पार करते समय 9 लोगों की मौत के बाद प्रभावित क्षेत्र का हवाई सर्वे कराया गया था।

सरकार ने तय किया है कि 136 प्रभावित परिवारों को भूमि का पट्टा दिया जाएगा और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत उन्हें आवास भी उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही उनकी आजीविका के लिए खेती योग्य भूमि का पट्टा भी दिया जाएगा, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।

कुल मिलाकर, योगी सरकार के इन फैसलों से जहां शिक्षकों और कर्मचारियों को स्वास्थ्य सुरक्षा का भरोसा मिला है, वहीं आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास से सामाजिक सुरक्षा को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

एडइनबॉक्स टीम

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