
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने परिसर में बढ़ रहे अवैध निर्माण को लेकर कड़ा कदम उठाया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी हॉस्टल वार्डनों को निर्देश दिया है कि वे 48 घंटे के भीतर अपने वार्डन फ्लैट और हॉस्टल परिसर के अंदर या बाहर किए गए किसी भी अनधिकृत निर्माण को हटाएं। आदेश का पालन नहीं करने पर वार्डन पद से हटाए जाने तक की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
यह निर्देश डीन, छात्र कार्यालय की ओर से सोमवार को जारी सर्कुलर में दिया गया। सर्कुलर में बताया गया कि हाल के दिनों में यह मामला सामने आया है कि कुछ वार्डनों ने विश्वविद्यालय परिसर के अंदर अस्थायी व स्थायी दोनों तरह के निर्माण किए हैं, जो आवास आवंटन संबंधी नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
प्रशासन ने सर्कुलर में दोहराया कि जेएनयू परिसर में किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है। विश्वविद्यालय पहले भी इस विषय पर कई बार स्पष्ट निर्देश जारी कर चुका है। पिछले वर्ष 3 दिसंबर को भी कर्मचारियों और वार्डनों को अवैध निर्माण से दूर रहने की चेतावनी दी गई थी, लेकिन शिकायतें लगातार सामने आती रहीं
नए निर्देशों में सभी वार्डनों से कहा गया है कि वे अपने-अपने फ्लैट और आसपास के क्षेत्रों में किए गए अनधिकृत बदलाव को स्वयं हटाएं। साथ ही साफ चेतावनी दी गई है कि आदेश की अनदेखी करने पर विश्वविद्यालय नियमों के तहत सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जेएनयू प्रशासन का यह कदम परिसर अनुशासन और आवास नियमों को मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।




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