
तेलंगाना सरकार ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव शुरू करते हुए स्कूल स्तर से ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की पढ़ाई लागू करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि छात्र भविष्य की तकनीकी जरूरतों के अनुरूप तैयार हों, इसके लिए शुरुआती कक्षाओं से ही एआई का आधारभूत प्रशिक्षण अनिवार्य किया जाए।
सीएम ने कहा कि शिक्षकों और लेक्चररों के लिए विशेष शॉर्ट-टर्म एआई ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किए जाएँ, ताकि वे नई तकनीकों से अपडेट रहें और बच्चों को आधुनिक कौशल दे सकें। एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि “दुनिया में बढ़ती एआई भूमिकाओं को देखते हुए, मुख्यमंत्री ने स्कूल लेवल से एआई एजुकेशन पर तेजी से काम करने के निर्देश दिए हैं।”
व्यावसायिक शिक्षा में बड़े बदलाव की घोषणा
सरकार ने पॉलिटेक्निक कॉलेजों और ATCs (एडवांस्ड टेक्नोलॉजी सेंटर, पहले ITIs) में पुराने कोर्स हटाकर तुरंत एआई-आधारित नए कोर्स शुरू करने का आदेश भी दिया है। मुख्यमंत्री का कहना है कि इन कोर्स को पूरा करने वाले युवाओं को उद्योगों में तुरंत रोजगार के अवसर मिलें, इसके लिए उद्योग जगत के साथ समन्वय बढ़ाने की जरूरत है।
इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की कि अगले शैक्षणिक सत्र से हैदराबाद को छोड़कर राज्य के 100 विधानसभा क्षेत्रों में ‘तेलंगाना पब्लिक स्कूल’ खोले जाएंगे। इन स्कूलों में आधुनिक कक्षाएं, योग्य शिक्षक, खेल मैदान और परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि सरकारी स्कूलों को शिक्षा के रोल मॉडल के रूप में विकसित किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया जाएगा और सरकारी स्कूलों के आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
सरकारी स्कूलों का आधुनिकीकरण और छात्रों का कल्याण
मीटिंग में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि हैदराबाद के CURE (कोर अर्बन रीजन इकोनॉमी) क्षेत्र में कॉर्पोरेट स्कूलों की तर्ज पर 12 अत्याधुनिक सरकारी स्कूल विकसित किए जाएं। सीएम ने कहा कि इन संस्थानों में सुविधाएं जुबली हिल्स पब्लिक स्कूल जैसी होनी चाहिए।
उन्होंने 2026–27 से सभी सरकारी स्कूलों में नाश्ता योजना शुरू करने की तैयारी का भी रिव्यू किया। इसके तहत हर छात्र को विजया डेयरी का दूध उपलब्ध कराया जाएगा।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि छात्रों की पोषण संबंधी जरूरतें, विशेष रूप से कैलोरी इनटेक, तकनीक की मदद से मॉनिटर की जाएं।
प्राइवेट स्कूल फीस और शिक्षा नीति पर व्यापक समीक्षा
बैठक में तेलंगाना प्राइवेट स्कूल फीस रेगुलेटरी मॉनिटरिंग कमीशन ने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी।
रेड्डी ने कहा कि एक रिटायर्ड जज या रिटायर्ड चीफ सेक्रेटरी की अध्यक्षता में कमेटी बनाई जाएगी, जो फीस ढांचे पर अंतिम निर्णय लेगी। उन्होंने सुझाव दिया कि ड्राफ्ट फीस स्ट्रक्चर को सार्वजनिक करके अभिभावकों, शिक्षाविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से फीडबैक लिया जाए।
इस दौरान तेलंगाना एजुकेशन कमीशन के चेयरमैन अकुनुरी मुरली और सदस्यों ने भी अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें राज्य की नई शिक्षा नीति से जुड़े सभी पहलुओं को विस्तार से समझाया गया।
मुख्यमंत्री ने सरकारी सलाहकार केशव राव को इन नीतियों के क्रियान्वयन और उनसे जुड़े मुद्दों पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी है।




Add comment