
भारत ने QS वर्ल्ड फ्यूचर स्किल्स इंडेक्स 2027 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इकोनॉमी रेडीनेस के मामले में वैश्विक स्तर पर 13वां स्थान हासिल किया है। इसके साथ ही भारत दक्षिण एशिया का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला देश और निम्न-मध्यम आय वाले देशों में सबसे ऊंची रैंक हासिल करने वाला देश बन गया है। यह रिपोर्ट AI के क्षेत्र में भारत की तेज़ी से बढ़ती क्षमता, मजबूत आर्थिक विकास, बढ़ते निवेश और विभिन्न उद्योगों में AI के बढ़ते उपयोग को दर्शाती है।
रिपोर्ट की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक यह है कि भारत को “इकोनॉमिक कैपेसिटी” श्रेणी में 100 में से 100 अंक प्राप्त हुए हैं। यह देश की मजबूत आर्थिक वृद्धि, तेजी से विकसित हो रहे AI इंफ्रास्ट्रक्चर और बढ़ते निवेश तंत्र को दर्शाता है। रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी 2026 तक भारत में AI क्षेत्र में लगभग 90 अरब डॉलर का निवेश आकर्षित हुआ, जिससे भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते AI बाजारों में शामिल हो गया है।
रिपोर्ट में “फ्यूचर ऑफ वर्क” श्रेणी में भी भारत को वैश्विक स्तर पर पांचवां स्थान दिया गया है। यह रैंकिंग इस बात को दर्शाती है कि भारतीय कंपनियां तेजी से AI तकनीकों को अपना रही हैं और विभिन्न क्षेत्रों में AI से जुड़े पेशेवरों की मांग लगातार बढ़ रही है। यह उपलब्धि भारत की AI आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ती गति और वैश्विक तकनीकी परिदृश्य में उसकी मजबूत होती भूमिका को रेखांकित करती है।
हालांकि, रिपोर्ट में कुछ चुनौतियों की ओर भी ध्यान दिलाया गया है। “स्किल्स अलाइनमेंट” श्रेणी में भारत को 18वां और “अकादमिक रेडीनेस” में 22वां स्थान मिला है। इससे संकेत मिलता है कि उच्च शिक्षा संस्थानों और प्रशिक्षण प्रदाताओं को AI केंद्रित शिक्षा को और मजबूत करने तथा उद्योग की जरूरतों के अनुरूप प्रतिभाओं को तैयार करने की दिशा में अधिक काम करने की आवश्यकता है।
रिपोर्ट के निष्कर्ष बताते हैं कि जहां भारत की अर्थव्यवस्था और उद्योग जगत तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपना रहे हैं, वहीं AI स्किल गैप को कम करना दीर्घकालिक विकास और वैश्विक प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा।
QS वर्ल्ड फ्यूचर स्किल्स इंडेक्स 2027 देशों की भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए तैयारी का आकलन आर्थिक क्षमता, कार्यबल की तैयारी, कौशल अनुकूलन और अकादमिक तैयारी जैसे मानकों के आधार पर करता है। इस रिपोर्ट में भारत का प्रदर्शन यह दर्शाता है कि वह विकासशील देशों के बीच एक प्रमुख AI अर्थव्यवस्था के रूप में उभर रहा है। साथ ही यह भी स्पष्ट करता है कि भविष्य के लिए तैयार शिक्षा व्यवस्था और कुशल कार्यबल के विकास में निरंतर निवेश आवश्यक है।
मजबूत आर्थिक आधार, AI तकनीकों के बढ़ते उपयोग और बड़े निवेश प्रवाह के कारण भारत दुनिया के सबसे तेजी से विकसित हो रहे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इकोसिस्टम में अपनी स्थिति लगातार मजबूत कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले वर्षों में भारत की AI महत्वाकांक्षाओं को पूरी तरह साकार करने के लिए शिक्षा प्रणाली को उद्योग की जरूरतों के साथ बेहतर तरीके से जोड़ना और अकादमिक तैयारी को और सुदृढ़ करना आवश्यक होगा।




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