
दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के स्नातक (UG) दाखिले को लेकर छात्रों में इस बार भी जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (CSAS-UG) के तहत अब तक 1,90,645 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है। इनमें से 1,64,098 से अधिक उम्मीदवारों ने फेज-2 की प्रक्रिया भी पूरी कर ली है, जिसमें विषयों की मैपिंग के साथ कॉलेज और कोर्स की प्राथमिकताएं दर्ज की जाती हैं।
विश्वविद्यालय के अनुसार, इस वर्ष प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह CUET-UG 2026 के स्कोर के आधार पर संचालित की जा रही है। सीट आवंटन उम्मीदवारों की मेरिट, श्रेणी, उपलब्ध सीटों और भरी गई प्राथमिकताओं के आधार पर किया जाएगा।
73 अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम, 71,624 सीटों पर होगा दाखिला
दिल्ली यूनिवर्सिटी इस वर्ष 73 अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम में प्रवेश दे रही है। ये कोर्स विश्वविद्यालय के 69 कॉलेजों और विभागों में उपलब्ध हैं। सभी पाठ्यक्रमों को मिलाकर कुल 71,624 सीटों पर दाखिला दिया जाएगा।
इस बार विश्वविद्यालय लगभग 150 अलग-अलग BA प्रोग्राम कॉम्बिनेशन भी उपलब्ध करा रहा है। सभी कॉलेजों और पाठ्यक्रमों का विस्तृत सीट मैट्रिक्स पहले ही विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किया जा चुका है, जिससे छात्र अपनी प्राथमिकताएं सोच-समझकर तय कर सकें।
16 जुलाई को जारी होगी पहली सीट अलॉटमेंट लिस्ट
अब छात्रों और अभिभावकों की निगाहें 16 जुलाई 2026 पर हैं, जब CSAS के तहत पहली सीट आवंटन सूची जारी की जाएगी।
जिन छात्रों को सीट मिलेगी, उन्हें तय समय सीमा के भीतर सीट स्वीकार करनी होगी और प्रवेश शुल्क जमा करना होगा। इसके बाद उम्मीदवारों के पास दो विकल्प होंगे। पहला, वे अपने आवंटित कॉलेज और कोर्स को ‘फ्रीज’ कर सकते हैं। दूसरा, यदि वे बेहतर विकल्प की उम्मीद रखते हैं तो अपग्रेड का विकल्प चुनकर अगले राउंड का इंतजार कर सकते हैं।
नए वर्चुअल वॉलेट सिस्टम से आसान होगी फीस प्रक्रिया
इस वर्ष दिल्ली यूनिवर्सिटी ने फीस भुगतान को अधिक सरल और पारदर्शी बनाने के लिए वर्चुअल वॉलेट सिस्टम की शुरुआत की है।
इस व्यवस्था के तहत यदि कोई छात्र पहले राउंड में फीस जमा कर देता है और बाद में उसे किसी अन्य कॉलेज या पसंदीदा कोर्स में अपग्रेड मिल जाता है, तो पहले जमा की गई फीस स्वतः नई सीट पर समायोजित हो जाएगी। इससे छात्रों को बार-बार फीस जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी और रिफंड जैसी प्रक्रियाओं की परेशानी भी कम होगी।
28 जुलाई तक दो राउंड पूरे करने का लक्ष्य
विश्वविद्यालय का लक्ष्य नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले, यानी 28 जुलाई 2026 तक प्रवेश प्रक्रिया के कम से कम दो राउंड पूरे करना है। इसके बाद रिक्त सीटों के आधार पर आगे के राउंड आयोजित किए जाएंगे।
छात्रों को सलाह दी गई है कि वे CSAS पोर्टल पर नियमित रूप से लॉगिन कर अपडेट देखते रहें और सीट आवंटन के बाद निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी औपचारिकताएं पूरी करें। किसी भी देरी की स्थिति में आवंटित सीट रद्द हो सकती है।




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