
NTA Reform News: राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं का संचालन करने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) एक बार फिर चर्चा में है। शिक्षा मंत्रालय की ओर से परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए बड़े सुधारों की तैयारी की जा रही है। इसी क्रम में NTA ने 47 अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। यह कार्रवाई परीक्षा संचालन से जुड़े प्रशासनिक सुधारों का हिस्सा बताई जा रही है।
हाल के वर्षों में NTA पर पेपर लीक और परीक्षा प्रबंधन को लेकर कई सवाल उठे हैं। खासकर NEET-UG 2024 पेपर लीक मामले के बाद एजेंसी की कार्यप्रणाली पर व्यापक समीक्षा शुरू हुई थी। अब सरकार परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए कई स्तरों पर बदलाव की दिशा में काम कर रही है।
47 अधिकारियों पर कार्रवाई, जवाबदेही तय करने की कोशिश
सूत्रों के अनुसार, NTA ने 47 अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त की हैं। बताया जा रहा है कि यह कदम एजेंसी के भीतर जवाबदेही तय करने और परीक्षा संचालन में कथित लापरवाही पर कार्रवाई के तहत उठाया गया है।
इसके अलावा, जिन मामलों में गंभीर अनियमितताओं या आपराधिक भूमिका के आरोप सामने आए हैं, वहां विभागीय जांच के साथ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। हालांकि, संबंधित मामलों की जांच एजेंसियों द्वारा की जा रही है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।
एक महीने में NTA के ढांचे में बड़े बदलाव की तैयारी
शिक्षा मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, सरकार NTA के प्रशासनिक और परिचालन ढांचे में व्यापक बदलाव की योजना पर काम कर रही है। आने वाले एक महीने के भीतर एजेंसी की कार्यप्रणाली, जिम्मेदारियों के बंटवारे और आंतरिक निगरानी व्यवस्था की समीक्षा पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
इन सुधारों का उद्देश्य परीक्षा संचालन को अधिक पारदर्शी बनाना, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना और भविष्य में किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना को कम करना है।
आउटसोर्सिंग नियम होंगे और सख्त
परीक्षा संचालन में बाहरी एजेंसियों की भूमिका को लेकर भी सरकार नए नियम तैयार कर रही है। सूत्रों के अनुसार, विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर आउटसोर्सिंग प्रक्रिया में बदलाव किए जाएंगे।
निजी एजेंसियों और वेंडरों के चयन के लिए अधिक कड़े मानदंड लागू किए जाने की योजना है। साथ ही परीक्षा से जुड़े संवेदनशील कार्यों में निगरानी और जवाबदेही बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा, ताकि सुरक्षा से जुड़ी किसी भी चूक को रोका जा सके।
सुरक्षित और भरोसेमंद परीक्षा प्रणाली पर फोकस
सरकार का लक्ष्य ऐसी परीक्षा व्यवस्था तैयार करना है, जिसमें तकनीकी सुरक्षा और प्रशासनिक निगरानी दोनों मजबूत हों। इसके लिए डिजिटल सुरक्षा उपायों, बेहतर निगरानी प्रणाली और जिम्मेदारियों के स्पष्ट निर्धारण पर काम किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए केवल तकनीकी सुधार ही नहीं, बल्कि संस्थागत जवाबदेही भी उतनी ही जरूरी है।
NEET विवाद के बाद तेज हुए सुधार
NEET-UG 2024 पेपर लीक मामले के बाद केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया था। समिति ने परीक्षा सुरक्षा, तकनीकी व्यवस्था, डेटा प्रबंधन और संस्थागत सुधारों को लेकर कई सुझाव दिए थे। अब उन्हीं सिफारिशों के आधार पर NTA में सुधार प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
आने वाले समय में यदि प्रस्तावित बदलाव पूरी तरह लागू होते हैं, तो प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बढ़ने और छात्रों का भरोसा मजबूत होने की उम्मीद है।




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