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Abhijeet Dipke Attacks BJP Over ‘School Theek Karo’ Campaign, Says CJP Is Students’ ‘A Team’ 

‘स्कूल ठीक करो’ अभियान पर BJP को अभिजीत दीपके का जवाब, बोले- हम छात्रों की ‘A Team’ हैं

Abhijeet Dipke Attacks BJP Over ‘School Theek Karo’ Campaign, Says CJP Is Students’ ‘A Team’ 

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि देश में बेहतर स्कूल और अच्छी शिक्षा किसी एक राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह बच्चों के भविष्य से जुड़ा सवाल है। दीपके ने कहा कि जो भी व्यक्ति या संगठन सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए काम करना चाहता है, उसका स्वागत किया जाना चाहिए।

दीपके ने कहा कि शिक्षा के मुद्दे पर केवल आम आदमी पार्टी ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र में शिवसेना और एनसीपी से जुड़े नेता भी स्कूलों में सुधार की बात कर रहे हैं। ऐसे में उनका सवाल है कि अगर कोई संगठन सरकारी स्कूलों की स्थिति बेहतर करने की बात करता है तो उसका विरोध क्यों होना चाहिए। उन्होंने BJP पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या शिक्षा को देश के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण नहीं माना जाता?

‘स्कूल ठीक करो’ अभियान को लेकर क्या बोले दीपके?

अभिजीत दीपके ने कहा कि ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान को किसी एक राजनीतिक संगठन से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, सरकारी स्कूलों में बेहतर सुविधाएं, अच्छी शिक्षा और बच्चों के लिए बेहतर माहौल पूरे देश की जरूरत है।

CJP ने अगस्त में महाराष्ट्र के ग्रामीण इलाकों के सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर यह अभियान शुरू किया था। 15 अगस्त को दीपके ने अपने पैतृक गांव के एक जिला परिषद स्कूल से अभियान की शुरुआत की और स्कूल में बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को सामने रखा था। बाद की गतिविधियों में उन्होंने स्कूलों में पानी, बेंच और अन्य सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उठाया।

AAP से फंडिंग के आरोपों पर क्या बोले अभिजीत दीपके?

अभिजीत दीपके पर आम आदमी पार्टी (AAP) की ‘बी टीम’ के तौर पर काम करने और अरविंद केजरीवाल से फंडिंग लेने जैसे आरोप भी लगाए जाते रहे हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए दीपके ने कहा कि अलग-अलग राजनीतिक लोग उन्हें अलग-अलग पार्टियों की ‘बी टीम’ बताते हैं।

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उन्हें कांग्रेस की ‘बी टीम’ बताते हैं, जबकि कुछ लोग उन्हें AAP की ‘बी टीम’ बताते हैं। दीपके ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि संबंधित लोगों को पहले यह तय कर लेना चाहिए कि आखिर वह किसकी ‘बी टीम’ हैं। उनका कहना है कि CJP किसी राजनीतिक दल की ‘बी टीम’ नहीं है और उनके अनुसार संगठन छात्रों की ‘ए टीम’ है।

दीपके के राजनीतिक अतीत को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। कुछ रिपोर्टों में उनके पहले AAP के राजनीतिक और डिजिटल कैंपेन से जुड़े होने का उल्लेख किया गया है। हालांकि, दीपके मौजूदा समय में AAP के साथ किसी राजनीतिक संबंध से इनकार करते हैं।

डिग्री और शैक्षणिक योग्यता पर भी दिया जवाब

अभिजीत दीपके की अपनी शैक्षणिक योग्यता को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। इस पर उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में सक्रिय लोगों की डिग्री और शैक्षणिक योग्यता पर सवाल पूछे जा सकते हैं। खास तौर पर चुनाव लड़ने वाले लोगों और संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के शैक्षणिक रिकॉर्ड को लेकर पारदर्शिता होनी चाहिए।

अगस्त में सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, दीपके ने अपनी अमेरिका में हुई पढ़ाई की फंडिंग को लेकर कहा था कि उन्होंने Boston University से मिली स्कॉलरशिप और एजुकेशन लोन के जरिए अपनी पढ़ाई पूरी की। उन्होंने यह भी कहा था कि वह लिए गए एजुकेशन लोन को चुका रहे हैं।

सवर्ण समाज आयोग की मांग पर क्या कहा?

देश के कुछ सांसदों और विभिन्न संगठनों की ओर से सवर्ण समाज के लिए अलग आयोग बनाने की मांग भी समय-समय पर उठती रही है। इस मुद्दे पर दीपके ने कहा कि जो लोग ऐसी मांग कर रहे हैं, उन्हें अपनी बात रखने का अधिकार है। उन्होंने इस मांग को लेकर सीधे समर्थन या विरोध की घोषणा नहीं की।

क्यों चर्चा में है CJP?

कॉकरोच जनता पार्टी और अभिजीत दीपके पिछले कुछ महीनों में शिक्षा, परीक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर चर्चा में रहे हैं। CJP ने सरकारी स्कूलों की स्थिति, शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े सवालों को लेकर कई अभियान चलाए हैं।

‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के जरिए संगठन अब सरकारी स्कूलों में मौजूद बुनियादी सुविधाओं की स्थिति को सामने लाने पर जोर दे रहा है। वहीं, दीपके के राजनीतिक संबंधों और संगठन की फंडिंग को लेकर उठने वाले सवालों ने भी इस अभियान को राजनीतिक बहस का हिस्सा बना दिया है।

फिलहाल दीपके का जोर इस बात पर है कि शिक्षा के मुद्दे को राजनीतिक दलों की आपसी लड़ाई से अलग रखकर बच्चों के भविष्य से जोड़कर देखा जाए। उनका कहना है कि सरकारी स्कूल बेहतर होंगे तो इसका फायदा किसी एक पार्टी को नहीं, बल्कि देश के बच्चों को मिलेगा।

 

Asmita Sarkar

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